पिथौरागढ़: हत्या के मामले में बड़ा फैसला, दो अभियुक्तों को सुनाई 7-7 साल की सजा और लगाया जुर्माना

​पिथौरागढ़: गंगोलीहाट क्षेत्र में हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड में पिथौरागढ़ पुलिस की सशक्त विवेचना और प्रभावी पैरवी का बड़ा परिणाम सामने आया है। जिस पर माननीय सत्र न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते हुए दो दोषियों को 7-7 वर्ष के कठोर कारावास और 10-10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
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जानें क्या था पूरा मामला

यह घटना 28 नवंबर 2019 की है। कोतवाली गंगोलीहाट क्षेत्र में वादी रोहित सिंह ने अपने भाई महेंद्र सिंह की हत्या को लेकर मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने इस मामले में आरोपी सुरेन्द्र सिंह उर्फ सूर्या (निवासी: बघर, धारापानी गांगीहाट) और पंकज सिंह भंडारी (निवासी: भनखोल दुगई आगर) के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304 और 201 के तहत अभियोग पंजीकृत किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन विवेचक उप-निरीक्षक तारा सिंह राणा ने वैज्ञानिक और गहन तरीके से साक्ष्य जुटाए। इसके बाद 29 फरवरी 2020 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया। अदालत में मुकदमे की पैरवी सहायक निदेशक अभियोजन राकेश चन्द के पर्यवेक्षण में जिला शासकीय अधिवक्ता महेन्द्र आर्या द्वारा पूरी मजबूती के साथ की गई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद माननीय सत्र न्यायाधीश पिथौरागढ़, धनंजय चतुर्वेदी ने अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई।
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कारावास की सजा

न्यायालय के आदेशानुसार, यदि दोषी जुर्माना अदा नहीं करते हैं, तो उन्हें 4-4 महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। पिथौरागढ़ पुलिस की इस प्रभावी कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप है और आम जनता का न्याय व्यवस्था पर विश्वास और मजबूत हुआ है।
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