उत्तराखंड: यूटीयू में पेपर लीक रोकने के लिए परीक्षा व्यवस्था में होगा बदलाव, अब दिल्ली और गढ़वाल विवि के विशेषज्ञ तैयार करेंगे प्रश्न बैंक

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उत्तराखंड: उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए अपनी परीक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है।

जल्द लिया जाएगा अंतिम निर्णय

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके लिए विश्वविद्यालय अब प्रश्न पत्र तैयार करने से लेकर परीक्षा केंद्रों तक पहुँचाने की पूरी प्रक्रिया को नए सिरे से पुख्ता करने की तैयारी में है। इस नई व्यवस्था के तहत अब यूटीयू से संबद्ध संस्थानों के शिक्षकों के स्थान पर दिल्ली विश्वविद्यालय और हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के वरिष्ठ विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी। नई योजना के तहत बाहरी और यूटीयू के विशेषज्ञ मिलकर एक व्यापक ‘प्रश्न बैंक’ तैयार करेंगे। इसके बाद आधुनिक तकनीक (प्रौद्योगिकी) की मदद से इस बैंक से गोपनीय प्रश्न पत्र सृजित किए जाएंगे। यूटीयू की कुलपति डॉ. तृप्ता ठाकुर ने जानकारी दी है कि इस नई व्यवस्था को लेकर एक दौर की बैठक पूरी हो चुकी है। जल्द ही दूसरी बैठक आयोजित की जाएगी, जिसके बाद इस पर अंतिम मुहर लगेगी।

पेपर लीक का मामला

रिपोर्ट्स के मुताबिक बीते जुलाई माह में यूटीयू से जुड़े एक निजी संस्थान में पेपर लीक होने का गंभीर मामला सामने आया था। इस घटना के कारण विश्वविद्यालय को ‘मशीन लर्निंग फॉर इंटरनेट ऑफ थिंग्स’ विषय की परीक्षा बीच में ही रद्द करनी पड़ी थी। इस घटना से सबक लेते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने भविष्य में ऐसी चूकों को रोकने के लिए सख्त और पारदर्शी व्यवस्था तैयार करने की पहल की है।

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