अल्मोड़ा: उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (नैनीताल) के मार्गदर्शन में जनपद अल्मोड़ा में आगामी 26 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक विशेष “सुरक्षित बचपन अभियान” का आयोजन किया जाएगा।
अभियान का आयोजन
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना और उन्हें एक भयमुक्त तथा सुरक्षित माहौल प्रदान करना है। इस संबंध में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अल्मोड़ा की सचिव अनामिका सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि इस छह दिवसीय अभियान के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, तालुका विधिक सेवा समितियों, शैक्षणिक संस्थानों, पुलिस प्रशासन और अन्य प्रमुख हितधारकों के समन्वय से व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
दी जाएगी जानकारी
• बाल अधिकार एवं बाल संरक्षण
• पॉक्सो (POCSO) अधिनियम, 2012 के तहत कानूनी प्रावधान
• बाल विवाह की रोकथाम
• ऑनलाइन सुरक्षा, साइबर उत्पीड़न और डिजिटल अपराधों से बचाव
जन-जागरूकता के लिए आयोजित होंगे कार्यक्रम
अभियान के दौरान जन-सामान्य और बच्चों को जागरूक करने के लिए प्रभात फेरियां निकाली जाएंगी तथा स्थानीय भाषा में नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया जाएगा। इसके अलावा, विभिन्न विद्यालयों में जागरूकता सत्र और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से बच्चों को ‘गुड टच-बैड टच’ (सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श) की समझ दी जाएगी। बच्चों को यह भी सिखाया जाएगा कि वे विषम परिस्थितियों में विश्वसनीय वयस्कों से सहायता कैसे लें और शोषण के विरुद्ध आवाज उठाएं। कार्यक्रम के तहत शिक्षकों और अभिभावकों को भी बाल संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए विशेष सत्र आयोजित होंगे।
दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचेगा संदेश
सचिव अनामिका सिंह ने कहा कि अभियान का विशेष ध्यान जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच बनाना है, ताकि वहां के बच्चों को भी उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और उपलब्ध निःशुल्क कानूनी सहायता के प्रति जागरूक किया जा सके।
उन्होंने कहा कि इस अभियान का मूल संदेश “सुरक्षित जीवन, न बाल विवाह, न शोषण” है। बच्चों का सुरक्षित और भयमुक्त बचपन सुनिश्चित करना समाज के हर नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।