उत्तराखंड: सरकारी कर्मचारियों के लिए बदले नियम, अब जमीन-जायदाद के सौदों पर कड़े प्रतिबंध, जारी हुई यह अधिसूचना

​उत्तराखंड: उत्तराखंड सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों के आचरण, संपत्ति के लेन-देन और व्यावसायिक हितों से जुड़े नियमों को और अधिक सख्त व पारदर्शी बना दिया है।

अधिसूचना जारी

इस संबंध में कार्मिक विभाग ने ‘कर्मचारी आचरण नियमावली’ में संशोधन करते हुए इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नए प्रविधानों के तहत अब कोई भी सरकारी कर्मचारी सरकार के साथ लेन-देन करने वाले किसी भी व्यक्ति, फर्म, कंपनी या संस्थान के साथ बिना पूर्व अनुमति के जमीन या अचल संपत्ति की खरीद-बिक्री नहीं कर सकेगा।

​हुए यह बदलाव और नए नियम

• ​अचल संपत्ति के लेन-देन पर रोक: सरकारी कर्मचारी ऐसे किसी भी व्यक्ति या संस्थान से अचल संपत्ति का क्रय-विक्रय, ट्रांसफर या उपहार में लेन-देन नहीं कर सकते, जिसका सरकार के साथ प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष लेन-देन हो। इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत पहले अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
• ​पारिवारिक सदस्यों के बीमा एजेंट बनने पर पाबंदी: कर्मचारियों की पत्नी या उन पर आश्रित रिश्तेदारों के, कर्मचारी की तैनाती वाले जिले में बीमा एजेंट  के रूप में काम करने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।
•  ​वार्षिक संपत्ति का ब्योरा देना अनिवार्य:
◦ ​समूह ‘क’, ‘ख’ और ‘ग’: इन वर्गों के कर्मचारियों को हर साल अपनी संपत्ति का पूरा विवरण अपने नियुक्ति प्राधिकारी को सौंपना होगा।
◦  ​समूह ‘घ’ (Group D): चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए यह विवरण प्रस्तुत करने की समयावधि 5 वर्ष तय की गई है।
•  ​चल संपत्ति की खरीद पर सूचना: यदि कोई कर्मचारी अपने दो महीने के मूल वेतन  से अधिक मूल्य की कोई चल संपत्ति (जैसे गाड़ी, गहने आदि) खरीदता या बेचता है, तो उसे 1 महीने के भीतर इसकी लिखित सूचना विभाग को देनी होगी।
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