भारत की सलाह, सभी भारतीय नागरिक छोड़ दे यूक्रेन, क्या रूस करना चाहता “फॉल्स फ्लैग” हमला

रूस और यूक्रेन के बीच तनातनी खत्म होने का नाम नहीं ले रही । अभी भी आशंका जताई जा रही है कि रूस कभी भी यूक्रेन पर हमला कर सकता है । इस बीच एक नयी एडवाइजरी जारी की गयी है । जिसके अनुसार रविवार को भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों से यूक्रेन से निकलने को कहा है ।

छात्रों की दी गयी यूक्रेन छोड़ने की सलाह

नयी एडवाइजरी में सभी भारतीय छात्रों को यूक्रेन छोड़ने की सलाह दी गयी । यदि उनका वहां रहना जरूरी न हो तो । आगे कहा कि यूक्रेन से “व्यवस्थित और समय पर यहां से निकलने” के लिए उपलब्ध कमर्शियल फ्लाइट और चार्टर उड़ानें यात्रा के लिए ली जा सकती हैं। इसके अलावा सभी भारतीय नागरिकों से भी यूक्रेन छोड़ने की सलाह दी गई है । और कहा गया कि   दूतावास के सोशल मीडिया पर दिए जाने वाले अपडेट्स को देखते रहें । बता दें कि यूक्रेन में क़रीब 20 हज़ार भारतीय छात्र हैं ।

दोनों पक्षों ने एकदूसरे पर शर्तों के उल्लंघन का आरोप लगाया

वहीँ खबर यह भी सामने आ रही है कि शनिवार को पूर्वी यूक्रेन में सरकारी सुरक्षाबलों और रूस समर्थित विद्रोहियों के बीच गोलीबारी हुई है  । इस बीच दोनों पक्षों ने एकदूसरे पर शर्तों के उल्लंघन का आरोप भी लगाया है । उधर, यूक्रेन तनाव के बीच पुतिन ऑफिस से बड़ा बयान सामने आया है । क्रेमलिन ने कहा है कि यूक्रेन पर हमले की  कोई योजना नहीं है ।  हमने कभी किसी पर हमला नहीं किया है ।  रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने कहा है कि डोनबास में जारी हिंसा के परिणाम गंभीर होंगे ।

रूस “साल 1945 के बाद यूरोप में सबसे बड़े युद्ध” की योजना बना रहा है-ब्रिटिश प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री-ब्रिटिश प्रधानमंत्री

जानकारी के अनुसार बेलारूस के रक्षा मंत्री ने घोषणा की है ।  इसके बाद ये माना जा रहा है कि ये इस बात का संकेत है कि यूक्रेन को लेकर पश्चिमी देशों के साथ जारी विवाद में रूस अपने कदम पीछे हटाने के तैयार नहीं है । वहीं ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहना है कि रूस “साल 1945 के बाद यूरोप में सबसे बड़े युद्ध” की योजना बना रहा है। इसके अलावा अन्य देशों ने भी यह चेतावनी दी है कि रूस कभी भी हमला कर सकता है । और अगर ऐसा हुआ तो इसके परिणाम बेहद गंभीर होंगे ।

1,50,000 सैनिकों, युद्धक विमानों और अन्य साजो-सामान की तैनाती

रूस ने अपनी तीनों सीमा के  तरफ लगभग 1,50,000 सैनिकों, युद्धक विमानों और अन्य साजो-सामान की तैनाती कर रखी है। रूस ने शनिवार को पड़ोसी देश बेलारूस में परमाणु हथियारों और पारंपरिक युद्धाभ्यास किया। काला सागर तट के पास भी उसके नौसैनिकों ने अभियान में प्रतिभाग किया  । अमेरिका और कई यूरोपीय देशों ने आशंका जताई है कि रूस हमला करने के बहाने तलाश रहा है। पश्चिमी मुल्कों  ने हमले की स्थिति में तत्काल प्रतिबंध लगाने की चेतावनी  दी है।

संकट का हल निकालने का प्रस्ताव दिया

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने शनिवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को बैठक करके संकट का हल निकालने का प्रस्ताव दिया। जेलेंस्की ने रविवार को ट्वीट कर संघर्ष विराम की अपील की। फ़िलहाल  जेलेंस्की के इस प्रस्ताव पर रूस की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

बेलारूस में 30,000 रूसी सैनिक हैं

उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) का अनुमान है कि बेलारूस में 30,000 रूसी सैनिक हैं। जबकि रूस कह रहा है कि उसने अपने सभी सैनिकों को वापस बुला लिया है ।  फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों से फोन पर बातचीत के बाद पुतिन ने यूक्रेन पर हालात को भड़काने और नाटो पर यूक्रेन में ‘‘आधुनिक हथियार और गोला-बारूद पहुंचाने’’ के लिए दोषी ठहराया।

सैन्य आक्रमण होता है तो हम और बड़े प्रतिबंध लगाएंगे

वहीं, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल ने रविवार को कहा, ‘‘बड़ा सवाल यह है कि क्या रूस बातचीत करना चाहता है?’ मिशेल ने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में कहा, ‘‘ऐसे में जब रूस मिसाइल परीक्षण करता रहता है और सैनिकों को इकट्ठा करना जारी रखता है हम हमेशा शांति-सद्भावना की पेशकश नहीं कर सकते।’’ उन्होंने कहा, ‘‘एक बात निश्चित है। अगर आगे सैन्य आक्रमण होता है तो हम और बड़े प्रतिबंध लगाएंगे।’’वहीँ अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि इस तरह का ‘‘फॉल्स फ्लैग’’ अभियान रूस को यूक्रेन पर हमला करने का बहाना प्रदान करेगा।


क्या है‘‘फॉल्स फ्लैग’’

‘‘फॉल्स फ्लैग’’ एक ऐसी सैन्य कार्रवाई होती है जहां पर एक देश छिपकर, जानबूझकर स्वयं की संपत्ति, इंसानी जान को नुकसान पहुंचाता है जबकि दुनिया के सामने वह यह बतालाता है कि उसके दुश्मन देश ने ऐसा किया है। इसकी आड़ में ऐसा करने वाला देश अपने शत्रु देश पर हमला कर देता है।