एसएसजे विवि अल्मोड़ा के अंग्रेजी विभाग और रूम टू रीड इंडिया की ओर से रोल ऑफ लिटरेचर इन ब्रेकिंग बायस विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूम में पर्यावरणविद पद्मश्री बसंती देवी मौजूद रही। उन्होंने लैंगिक समानता, पर्यावरण, कोसी बचाओ अभियान, नारी उत्थान, नशा मुक्ति आदि सामाजिक विषयों पर अपने अनुभवों को साझा किये।
मुख्य अतिथि पर्यावरणविद पद्मश्री बसंती देवी ने हम सभी को जिम्मेदारी के साथ सामाजिक विषयों पर चिंतन मनन कर प्रयास जारी रखने चाहिए
सोमवार को दृश्यकला संकाय विभाग के सभागार में आयोजित कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि पर्यावरणविद पद्मश्री बसंती देवी ने हम सभी को जिम्मेदारी के साथ सामाजिक विषयों पर चिंतन मनन कर प्रयास जारी रखने चाहिए। प्रो. एसए हामिद ने विश्व साहित्य पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने लिंगभेद, वर्णभेद आदि को सोधारण प्रस्तुत किया। कहा कि साहित्य में जेंडर को लेकर अब बातें निरंतर हो रही हैं। इस मौके पर कई वक्ताओं ने अपने-अपने अनुभव और विचार साझा किये।
कुलपति प्रो. भंडारी ने पद्मश्री बसंती देवी को सम्मानित किया
एसएसजे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरेंद्र सिंह भंडारी ने पद्मश्री बसंती देवी को समाज के प्रति समर्पण भाव से कार्य करने, पर्यावरण संरक्षण, नारी उत्थान को लेकर कार्य करने के लिए सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय की तरफ से शॉल ओढ़ाकर एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि यह हमारे विश्वविद्यालय के लिए गौरव का क्षण है कि पद्मश्री बसंती देवी हमारे विश्वविद्यालय में आई और उन्होंने हमारे विश्वविद्यालय परिवार को प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने कार्यशाला की सफलता के लिए अंग्रेजी विभाग को अपनी शुभकामनाएं दी।

ये रहे मौजूद
प्रोग्राम अफसर रोहित गुप्ता, प्रो. निर्मला पंत, निशा जोशी, प्रो. अरविंद सिंह अधिकारी, डॉ. शैली, डॉ. प्रज्ञा वर्मा, प्रो. शेखर चंद्र जोशी, प्रो. विद्याधर सिंह नेगी, डॉ. ज्योति किरण, डॉ. आस्था नेगी, जुनैद खान, शिल्पी सती, प्रो. इला साह, प्रो. सोनू द्विवेदी, डॉ. सबीहा नाज, प्रो. शालिमा तबस्सुम, डॉ. वंदना जोशी, डॉ. कुसुमलता आर्या, डॉ. पुष्पा वर्मा, कौशल कुमार, चंदन आर्या, डॉ. मौर्या, डॉ. योगेश मैनाली समेत कई लोग मौजूद रहे।