17 मार्च: अंतरिक्ष की वंडर वुमन कल्पना चावला की आज है जयंती, जानें उनसे जुड़ी रोचक बातें

आज 17 मार्च 2025 है। आज अंतरिक्ष में जाने वाली पहली भारतीय महिला कल्पना चावला का जन्मदिन है। भले ही वे कोलंबिया अन्तरिक्ष यान आपदा में मारे गए सात यात्री दल सदस्यों में से एक रही, पर करनाल में आज भी कल्पना चावला को जिंदा रखा गया है।

हरियाणा के करनाल जिले में हुआ था जन्म-

अंतरराष्ट्रीय पटल पर भारत का नाम रोशन करने वाली कल्पना चावला का जन्म 17 मार्च, 1962 को हरियाणा के करनाल जिले में हुआ था। हरियाणा में ही स्कूलिंग करने के बाद उन्होंने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी से एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने टैक्सास यूनिवर्सिटी से एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। उनके पास सीप्लेन, मल्टि इंजन एयर प्लेन और ग्लाइडर के लिए कमर्शल पायलट लाइसेंस था। वह ग्लाइडर और एयरप्लेंस के लिए भी सर्टिफाइड फ्लाइट इंस्ट्रक्टर भी थी। 

दुर्घटना में कल्पना समेत सभी यात्रियों की हुई थी मौत-

वह भारत की पहली महिला अंतरिक्ष यात्री थी। जो 1995 में नासा में अंतरिक्ष यात्री के तौर पर शामिल हुई और 1998 में उन्हें अपनी पहली उड़ान के लिए चुना गया। उन्होंने अंतरिक्ष में 16 दिन बिताए थे। कल्पना ने अपने पहले मिशन में 1.04 करोड़ मील सफर तय कर पृथ्वी की 252 परिक्रमाएं और 360 घंटे अंतरिक्ष में बिताए। मिशन पूरा होने के बाद 1 फरवरी 2003 को कल्पना चावला 6 अन्य साथियों के साथ धरती पर लौट रही थीं तो उनका यान क्षतिग्रस्त हो गया था। इस दुर्घटना में कल्पना समेत सभी यात्रियों की मौत हो गई थी।