केन्द्रशासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में अमरनाथ की पवित्र गुफा के निकट बादल फटने के बाद जम्मू कश्मीर पुलिस, राष्ट्रीय आपदा राहत बल, भारत तिब्बत सीमा पुलिस और सैन्यबल तलाश और बचाव कार्य में जुटे हैं। कल शाम, बादल फटने से श्री अमरनाथजी पवित्र गुफा के निकट बाढ़ के कारण पानी भर गया था। ऊंची पहाडि़यों पर तेज वर्षा के बाद ऊंचाई और पवित्र गुफा के आसपास से पानी आ गया था।
मृतकों में 7 पुरूष और 6 महिलाएं हैं
बादल फटने की घटना के कारण मरने वालों की संख्या अब बढ़कर 15 हो गई है। मृतकों में 7 पुरूष और 6 महिलाएं हैं जबकि, अन्य 2 शवों की अभी पहचान की जानी है। इस घटना में लगभग 65 लोग घायल हुए, जिनमें से मलबे से जिंदा निकाले गये दो लोगों का अस्पताल में उपचार चल रहा है।
यात्रा अस्थायी रूप से स्थगित कर दी गई है
बादल फटने के मद्देनजर पहलगाम और बालतल दोनों स्थानों से यात्रा अस्थायी रूप से स्थगित कर दी गई है। बादल फटने की घटना को देखते हुए कश्मीर में स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशालयों ने अपने कर्मचारियों की छुट्यिां रद्द कर दी हैं और कर्मचारियों को तुरंत ड्यूटी पर उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, सभी कार्यालयों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने फोन चालू रखें।
डॉक्टरों तथा अर्द्ध-चिकित्सा कर्मचारी भेजने के निर्देश
दक्षिण कश्मीर जिलों-पुलवामा, कुलगाम, शोपियां और अनंतनाग के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को पहलगाम में दवाओं और किट के साथ और डॉक्टरों तथा अर्द्ध-चिकित्सा कर्मचारी भेजने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, उत्तर-मध्य कश्मीर के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को बालतल में दवाओं और किट के साथ और डॉक्टरों तथा अर्द्ध-चिकित्सा कर्मचारी भेजने के निर्देश दिए गए हैं।प्रभारी भंडार नियंत्रक स्वास्थ्य को जे.के.एम.एस.सी.एल. श्रीनगर के महाप्रबंधक के साथ समन्वय करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आपात सेवाएं चालू रखने के लिए बालताल और पहलगाम में तुरंत आपात आपूर्ति भेजने के लिए तैयार रखी जाए।