भारत में कोई भी प्रत्याशियों की शैक्षणिक योग्यता के आधार पर नहीं देता वोट- सुप्रीम कोर्ट

देश दुनिया की खबरों से हम आपको रूबरू कराते रहते हैं। एक ऐसी खबर हम आपके सामने लाए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले में अहम टिप्पणी की है।

सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट कांग्रेस नेता अनुग्रह नारायण सिंह द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था। जिसमें कोर्ट ने अहम टिप्पणी की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के हर्षवर्धन बाजपेयी के 2017 में उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव के खिलाफ याचिका खारिज करते हुए कहा कि भारत में कोई भी उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता के आधार पर वोट नहीं देता है।

कोई भी वोट देते समय शैक्षणिक योग्यता को नहीं देखता

रिपोर्ट्स के मुताबिक याचिका में हर्ष बाजपेयी के चुनाव को अमान्य घोषित करने की मांग की गई थी। कहा गया था कि उन्होंने अपनी सही शैक्षिक योग्यता का खुलासा नहीं किया था। जिस पर कोर्ट ने 2017 में उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव में भाजपा के हर्षवर्धन बाजपेयी के खिलाफ याचिका खारिज करते हुए कहा कि भारत में कोई भी उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता के आधार पर वोट नहीं देता है। जस्टिस केएम जोसेफ और बीवी नागरत्ना की पीठ ने कहा कि ज्यादातर मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने से पहले उम्मीदवार की शैक्षिक पृष्ठभूमि को नहीं देखते हैं।