166 साल की अनूठी परंपरा: अल्मोड़ा दशहरे में इस बार और भी विशाल होगा रावण परिवार का कुनबा, जुड़े 5 नए राक्षस

​अल्मोड़ा: ऐतिहासिक अल्मोड़ा दशहरा महोत्सव इस बार और भी अधिक भव्य होने जा रहा है। इस वर्ष रावण का कुनबा और अधिक विशाल कर दिया गया है, जिसमें पाताल लोक के राजा अहिरावण समेत पांच नए राक्षसों की एंट्री हुई है।

इनकी एंट्री

मिली जानकारी के अनुसार दशहरा समिति के अनुसार, इस बार रावण परिवार में कुल 23 पुतले शामिल किए गए हैं, जबकि पिछले साल इनकी संख्या 18 थी। चार साल के अंतराल के बाद इस बार अहिरावण को एक बार फिर रावण के कुनबे में जगह मिली है। इसके अलावा धूमकेतू, विक्रासुर, नरकासुर और कराल जैसे राक्षसों के पुतले भी इस बार के दहन का हिस्सा होंगे। वहीं, इस बार त्रिसरा और देवांतक को बाहर कर दिया गया है। सभी पुतलों का दहन पारंपरिक रूप से ज़ूलॉजी मैदान में आतिशबाजी के साथ किया जाएगा।

​166 साल पुरानी है परंपरा

अल्मोड़ा में दशहरा मनाने की परंपरा साल 1860 से चली आ रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पिछले 166 वर्षों से यहां दशानन के पुतला दहन की अनूठी परंपरा निभाई जा रही है। शुरुआती दौर में यानी 1975 तक केवल रावण के पुतले का ही दहन किया जाता था, लेकिन 1976 में इसमें मेघनाद के पुतले को भी शामिल किया गया।

​इस बार इन पुतलों का होगा दहन

इस वर्ष रावण, कुम्भकर्ण, मेघनाद, अतिकाय, अक्षय कुमार, अहिरावण, खर, दूषण, मारीच, ताड़का, नरांतक, धूम्राक्ष, शुंभासुर, मकरासुर, कालकेतु, कालकासुर, विक्रासुर, कराल, धूमकेतू, वीरत और नरकासुर समेत कुल 23 पुतले बनाए जा रहे हैं। कार्यक्रम के अनुसार, सबसे पहले ताड़का और अंत में दशानन (रावण) के पुतले का दहन किया जाएगा।
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