अल्मोड़ा: भवन के ऊपर गिरा चीड़ का विशालकाय पेड़, टला बड़ा हादसा

अल्मोड़ा से जुड़ी खबर सामने आई है। यहां रानीखेत छावनी क्षेत्र के अंतर्गत किलकोट गांव में चीड़ का विशाल सूखा पेड़ भवन के ऊपर जा गिरा। बताया जा रहा है कि इस दौरान भवन स्वामी बाहर ही बैठे थे। उन्होंने आवाज सुनते ही किसी तरह से जान बचाई। पेड़ गिरने से भवन की टिन की झाप और दीवार क्षतिग्रस्त हो गई। हालांकि बाद में छावनी परिषद ने सूखे पेड़ का निस्तारण कर मार्ग को यातायात के लिए सुलभ कर दिया था।

अन्य पेड़ भी भविष्य के लिए बन रहे हैं खतरा

रानीखेत क्षेत्र में कई स्थानों पर चीड़ के पुराने पेड़ किसी भी वक्त गिर सकते हैं। ताड़ीखेत में कुछ माह पूर्व सड़क किनारे खड़ी कार के ऊपर सूखा पेड़ गिर गया था। बताया जा रहा है कि किलकोट गांव के आसपास रिहायसी क्षेत्रों में भी कई पुराने पेड़ गिरने के हालत में हैं। ग्रामीणों ने बताया कि 2018 से ‌कैंट प्रशासन से वह लोग इनके निस्तारण की मांग कर रहे हैं। हवा के साथ गिरे पेड़ के कारण हालांकि बड़ा हादसा टल गया। लेकिन अन्य पेड़ भविष्य के लिए खतरे को दावत दे रहे हैं।

छावनी परिषद की ओर से अभी तक नहीं हुई कोई कार्रवाई

रानीखेत के किलकोट गांव में चीड़ का पेड़ मुख्य सड़क से सटे मकान पर जा गिरा। घटना के बाद आस- पास अफरा तफरी मच गई। लोग घरों से बाहर निकल आए। घटना में मकान के बाहर बैठे भवन स्वामी सुरेंद्र जयाल बाल-बाल बच गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि 2018 में छावनी परिषद में प्रार्थना पत्र दिया गया था । इसके बाद कई बार पत्र दिए गए, लेकिन उस पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई है।

पेड़ों के निस्तारण की प्रक्रिया फिर से होगी शुरू – वन क्षेत्राधिकारी

छावनी परिषद के वन क्षेत्राधिकारी कमल फर्त्याल ने बताया कि समय समय पर खतरा बने पेड़ों का निस्तारण किया जाता है। पेड़ों के निस्तारण की प्रक्रिया फिर से शुरू की जाएगी।