अल्मोड़ा: पर्वतीय सस्ता गल्ला संघ अल्मोड़ा  द्वारा इन मांगों को लेकर खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग उत्तराखंड को भेजा गया ज्ञापन

आज पर्वतीय सस्ता गल्ला संघ अल्मोड़ा ने जिलाधिकारी  के माध्यम से खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग उत्तराखंड के आयुक्त   को ज्ञापन प्रेषित किया ।पर्वतीय सस्ता गल्ला संघ अल्मोड़ा ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि  अल्मोड़ा जनपद के सभी विक्रेता अपना कार्य पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से कर रहे हैं तथा करना चाहते हैं तथा आपसे अपेक्षा कर रहे हैं कि शासन विक्रेताओं की समस्याओं एवं मांगों पर शीघ्र संज्ञान ले।  ताकि विक्रेता अपना कार्य शासन की नीतियों के अनुसार करे तथा अपना जीवन निर्वाह सम्मानपूर्वक कर सके।

मांगें इस प्रकार है

बार बार अनुरोध के बाद भी शासन द्वारा सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेताओं को नेट चार्ज स्वीकृत नहीं किया जा रहा है। इतने कम लाभांश में नेट चार्ज विक्रेताओं द्वारा वहन करना सम्भव नहीं है। विभाग: द्वारा बार-बार अनुचित दबाव बनाकर ऑनलाइन कार्य करने को विवश किया जा रहा है जिससे विक्रेताओं को आर्थिक क्षति होने की स्पष्ट सम्भावना है। अतः शीघ्र नेट चार्ज स्वीकृत किया जाय तभी ऑनलाईन कार्य करना सम्भव होगा। समिति द्वारा निर्णय लिया गया है कि जब तक नेट चार्ज स्वीकृत नहीं होगा ऑनलाईन खाद्यान्न का वितरण नहीं किया जायेगा।

दूसरी मांग

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत  खाद्यान्न के बिलों का विगत एक वर्ष भुगतान नहीं हुआ है तथा अन्य योजनओं के अन्तर्गत बांटे गये खाद्यान्न के बिलों का भी विगत कई वर्षों का भुगतान लम्बित है जिससे विक्रेताओं की दशा लगातार खराब होती जा रही है तथा सभी योजनाओं के बिलों का भुगतान एक माह के भीतर करवाना सुनिश्चित करने की कृपा करें यदि इन बिलों का भुगतान नहीं हुआ तो सभी विक्रेता प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का वितरण नहीं करेंगे।

तीसरी मांग

उन्होंने कहा कि आपसे पुनः अनुरोध है कि पर्वतीय क्षेत्र के विक्रेताओं की मानदेय के रूप में प्रतिमाह तीस हजार रुपया स्वीकृत किया जाय। आपको अवगत कराना है कि शासन को लगातार लम्बे समय से अपनी समस्याओं एवं माँगों से समिति अवगत कराती आयी है परन्तु शासन द्वारा विक्रेताओं के हितों की लगातार उपेक्षा की जा रही है जिसे अब सहन करना सम्भव नहीं है। अब विक्रेताओं का उत्पीड़न सहन नहीं किया जायेगा। यदि शासन / प्रशासन द्वारा कोई भी दण्डात्मक कार्यवाही विक्रेताओं के विरूद्ध की गयी तो हमें आन्दोलन करने को बाध्य होना पड़ेगा। इससे उपभोक्ताओं को होने वाली असुविधा के लिए समिति जिम्मेदार नहीं होगी। कृपया शीघ्र प्रभावी कार्यवाही कर हमारी मांगों को पूरा करने की कृपा करें ताकि विक्रेता अपना कार्य ईमानदारी व निष्ठापूर्वक कर सके।