अल्मोड़ा से जुड़ी खबर सामने आई है। अल्मोड़ा में न्यायालय सिविल जज सीडि रवींद्र देव मिश्र ने चैक बाउंस के मामले में फैसला सुनाया है।
जानें क्या है मामला
जिसमें उन्होंने अभियुक्त को दोषी करार देते हुए तीन माह कारावास और 1.92 लाख रुपये जुर्माना लगाया है। इस संबंध में परिवादी के विद्वान अधिवक्ता मौ० इमरोज खान ने बताया कि मामला अप्रैल 2024 का है। परिवादी आनंद सिंह निवासी तुलेड़ी जलना लमगड़ा ने तीन मार्च को परिवाद प्रस्तुत किया था। जिसमें बताया था कि अभियुक्त दीपक सिंह सतवाल निवासी सत्यूं लमगड़ा के साथ उनके पारिवारिक संबंध रहे हैं। उनके बीच रुपये का लेन-देन चलता रहता था। दीपक सिंह ने उनसे 180000 रुपये 15 दिन में लौटाने बात कहकर लिए थे। आठ माह बीतने के बाद जब उनसे रुपये वापस मांगे तो छह दिसंबर 2023 को उन्होंने एसबीआई लमगड़ा का चेक दिया। चेक लेकर वह बैंक गए तो उनके खाते में रुपये नहीं थे। तब दीपक सिंह सतवाल ने उन्हें कुछ दिन रुकने की बात कही थी। 18 दिसंबर को फिर वह बैंक गए तो बैंक ने चेक उन्हें वापस लौटा दिया और कहा कि उनके खाते में रुपये नहीं है। फिर वह पांच फरवरी 2024 को बैंक गए तो बैंक ने चेक अनादरित कर दिया और चेक बाउंस हो गया।
अदालत का आदेश
इस मामले में सिविल जज सीनियर डिविजन रवींद्र देव मिश्रा ने दीपक सिंह सतवाल को धारा-138 एनआई एक्ट में तीन माह के साधारण कारावास और 192000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं देने पर उन्हें 15 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भोगना पड़ेगा। 190000 रुपये परिवादी को देने और 2000 रुपये राज्य सरकार के खाते में जमा करने के आदेश दिए।