अल्मोड़ा: अदालत का फैसला, चरस बरामदगी मामले में तीन अभियुक्तों को किया दोषमुक्त

अल्मोड़ा से जुड़ी खबर सामने आई है। अल्मोड़ा में न्यायालय विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस) अल्मोड़ा पीठासीन श्रीकान्त पाण्डेय की अदालत ने चरस मामले में फैसला सुनाया है। जिसमें अभियुक्तो कैलाश चन्द्र पुत्र ख्याली राम, निवासी ग्राम व पोट सौनी, पटवारी क्षेत्र ताफड़, तहसील व थाना रानीखेत, जिला अल्मोडा, सुनील कुमार पुत्र गिरीश चन्द्र भगत, निवासी ग्राम वलना पो० व पटवारी क्षेत्र पंतकोटली, तहसील व थाना रानीखेत, जिला अल्मोडा 3. पुष्कर सिंह रावत पुत्र मोहन सिंह रावत, निवासी ग्राम देवलीखेत तहसील व थाना रानीखेत, जिला अल्मोड़ा को दोषमुक्त किया है। अभियुक्तों की ओर से विद्वान अधिवक्ता भगवती प्रसाद पन्त, अधिवक्ता एच०वी० नैनवाल व अधिवक्ता मौ० इमरोज खान ने पैरवी की।

जानकारी के अनुसार वादी मुकदमा उपनिरीक्षक बृजमोहन भट्ट के द्वारा फर्द के आधार पर राजस्व उपनिरीक्षक क्षेत्र महरखोला, तहसील रानीखेत, जिला अल्मोड़ा में एक प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई जिसमें उनके द्वारा यह उल्लेख किया गया कि दिनांक 21.07.2021 को वह कोविड संकमण रोकथाम बैरियर भुजान पटवारी क्षेत्र महरखोला जिला अल्मोड़ा में मय कॉ० देवेन्द्र तोमक्याल, होमगार्ड भुवन चन्द्र व होमगार्ड त्रिलोक चन्द्र चेकिंग में थे। समय करीब 12:20 बजे वादी द्वारा भुजान खैरना मार्ग में बैरियर से लगभग एक किलोमीटर दूर पहाड़ी से बोल्डर गिरने की आशंका के बावत डी०सी०आर० को सूचित किया गया एवं बैरियर पर वाहनों को रोकते हुए ऐतिहातन चालकों को उक्त बावत बता रहे थे। करीब 2:40 बजे एक आल्टो सफेद रंग वाहन संख्या यू०के०-01 ए-1580 रानीखेत से खैरना की तरफ आती दिखाई दी। जिसे रोकने का इशारा किया गया तो उक्त वाहन के चालक ने बैरियर से लगभग 15 मीटर दूरी से ही वाहन को एकदम पीछे मोड़कर भागने का प्रयास किया, शक होने पर उनका पीछा कर उन्हें पकड़ा। जिसमें चालक पुष्कर सिंह रावत पिछली सीट में दो अन्य व्यक्ति कैलाश व सुनील कुमार के कब्जे से 2.800 ग्राम चरस बरामद हुई। तीनों को गिरफ्तार किया गया।

उक्त मामला विशेष सत्र न्यायाधीश (एनडीपीएस) श्रीकान्त पाण्डेय की अदालत में चला। अभियुक्त कैलाश चन्द्र, सुनील कुमार व पुष्कर सिंह रावत को उनके ऊपर लगाये गये स्वापक औषधि और मनः प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 की धारा-8/20 के आरोप से दोषमुक्त किया गया।