अल्मोड़ा: अदालत का फैसला, इस मामले में दो अभियुक्तों को किया दोषमुक्त

अल्मोड़ा से जुड़ी खबर सामने आई है। अल्मोड़ा में न्यायालय सिविल जज (सी०डि०) / न्यायिक मजिस्ट्रेट रवीन्द्र देव मिश्र की अदालत ने एक मामले में अपना फैसला सुनाया है। जिस पर अदालत ने हिमांशु जोशी पुत्र नवीन चन्द्र जोशी, निवासी लमगड़ा, जिला अल्मोड़ा, सुभाष मिश्रा पुत्र हरीश मिश्रा, निवासी वर्ममान पता बसन्त थुवाल का मकान शहरफाटक, लमगड़ा, जिला अल्मोड़ा, स्थायी पता बचकाण्डे लमगड़ा, जिला अल्मोड़ा को दोषमुक्त किया है। अभियुक्तों की ओर से विद्वान अधिवक्ता गजेन्द्र सिंह मेहता, बी०एस०मियान, विनोद फुलारा ने पैरवी की।

जानें क्या है मामला

जानकारी के अनुसार बताया कि वादी मुकदमा थानाध्यक्ष थाना लमगड़ा राहुल कुमार राठी द्वारा इस आशय की फर्द तहरीर दी गयी कि “दिनांक 14.07.2024 को हिमांशु जोशी जिसने स्वयं को अध्यक्ष राष्ट्रीय सेवा संघ बताया, के नेतृत्व में 10-12 व्यक्ति थाना प्रांगण में उपस्थित आये। जिनके द्वारा थाना हाजा के एफ०आई०आर० नं० 29/2024 धारा 376 भा०दं०सं० व धारा 5 (J) (II)/6 पोक्सो एक्ट में नामदज अभियुक्त मनोज सिंह नेगी की गिरफ्तारी के सम्बन्ध में वादी थानाध्यक्ष राहुल राठी से वार्तालाप की गयी। वादी द्वारा उक्त सम्बन्ध में किये जा रहे सभी प्रयासों के बारे में बताया जा रहा था कि जाम लगाने की पूर्व अवधारणा से व उत्तेजित होकर थाना प्रांगण से बाहर मुख्य सड़क मार्ग की तरफ नारेबाजी करते हुए चल दिये। इस पर वादी मुकदमा बहवाले रपट नं० 17 समय 12:20 बजे मय हमराही अ०उ०नि० श्री रमेश, हे0का0 153 दिनेश कार्की, का0 276 केशब सिंह भौत, रि०का० विजय भट्ट, रि०का० विजय बहुगुणा, हो०गा० 1412 शिवराज सिंह मय गाड़ी सरकारी वाहन यू०के० 07 जी०ए० 2117 चालक हे0का0 155 देवराज सिंह के रवाना होकर थाना लमगड़ा गेट पर पहुँचे, जहाँ पर मुख्य सड़क मार्ग एस.एच-39 पर हिमांशु जोशी उपरोक्त अपने 10-12 साथियों नाम पता अज्ञात के साथ आने जाने वाले वाहनों को रोककर मार्ग अवरूद्ध कर सडक मार्ग में बैठकर स्थानीय लोगों को जाम लगाने के लिए उत्तेजित कर सड़क पर बैठाया गया व नारे बाजी की जाने लगी। इनके द्वारा सड़क पर बैठने व मुख्य सड़क मार्ग एस.एच. 39 अवरूद्ध करने से नैनीताल / हल्द्वानी की तरफ से अल्मोड़ा, जागेश्वर, पिथौरागढ़ आदि स्थानों को आने-जाने वाले बस यात्री, टैक्सी यात्री, प्राइवेट वाहन में बैठे यात्रीगण को काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ा, जिससे आने-जाने वाले यात्री अपने गन्तव्य स्थानों को समय से नहीं जा सके। वादी मुकदमा द्वारा मौके से उच्च अधिकारियों को घटना के सम्बन्ध में सूचना दी गयी व इन व्यक्तियों को काफी समझा-बुझा कर स्टेट हाईवे 39 को खोलने के लिए वार्ता की गयी, तो ये लोग काफी उत्तेजित होकर वार्ता करने लगे व जाम नहीं खोला व बारी-बारी खड़े होकर माईक लेकर नारेबाजी व लोगों को जाम लगाने हेतु उकसाने लगे व राजमार्ग न खोलने को लेकर अड़े रहे।

अदालत का आदेश

इस मामले में अदालत ने अभियुक्तगण हिमांशु जोशी व सुभाष मिश्रा को अन्तर्गत धारा 126(2), 191 (2) भारतीय न्याय संहिता व धारा 7 आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम, 1932 में दण्डनीय अपराध से दोषमुक्त किया है।