अल्मोड़ा से जुड़ी खबर सामने आई है। आज पहाड़ों में तेजी से पलायन हो रहा है। जो एक बड़ा चिंता का विषय है। ऐसे में स्वरोजगार से कुछ लोग एक नई मिसाल पेश कर रहे हैं। जिसके आज हम बात कर रहे हैं अल्मोड़ा जिले के पेटशाल गांव निवासी दीपक पेटशाली की।
देश विदेश से आ रही डिमांड
दीपक जंगलों में उगने वाले काफल से हर्बल चाय बनाकर न सिर्फ गरीबों को आत्मनिर्भर बना रहें हैं बल्कि दीपक उत्तराखंड के युवाओं के लिए नई प्रेरणा भी बन गए हैं। दीपक पेटशाली ने बताया कि काफल चाय बनाने की शुरूआत अक्टूबर 2023 से की। इससे पहले वह एक एनजीओ में कार्य करते थे। यहां इस तरह के पहाड़ी उत्पाद तैयार किए जाते थे। वहीं से उन्होंने अपने ब्रांड ‘बैक टू नेचर’ के नाम से काफल की चाय बनाना शुरू किया। दीपक ने बताया कि उनके उत्पाद को लेकर देश-विदेशों से भी काफी डिमांड आ रही है।
सेहत के लिए सेहतमंद काफल
बताया जा काफल की चाय सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होती है। काफल की चाय में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन-सी इसे हर्बल टॉनिक की तरह बनाते हैं जो एनीमिया, अस्थमा, गैस, कब्ज और जुकाम जैसी बीमारियों में राहत पहुंचाती है।