अल्मोड़ा: शारदा पब्लिक स्कूल में प्रसिद्ध गायिका आकांक्षा ग्रोवर के पाँच दिवसीय संगीत कार्यशाला का आगाज, जानें जानी-मानी हिन्दुस्तानी शास्त्रीय गायिका के बारे में

अल्मोड़ा से जुड़ी खबर सामने आई है। शारदा पब्लिक स्कूल, अल्मोड़ा में संगीत प्रेमियों के लिए एक सुनहरा अवसर आया है। प्रसिद्ध हिन्दुस्तानी शास्त्रीय गायिका और स्वतंत्र कलाकार आकांक्षा ग्रोवर इन दिनों अल्मोड़ा में पाँच दिवसीय संगीत कार्यशाला का संचालन कर रही हैं।

कार्यशाला का आयोजन

यह कार्यशाला 2 जून से 6 जून तक आयोजित की जा रही है, जिसमें कक्षा 6 से 12  तक के छात्र भाग ले रहे हैं। बताया कि इस कार्यशाला का उद्देश्य न केवल बच्चों को शास्त्रीय संगीत की बारीकियों से परिचित कराना है, बल्कि संगीत के प्रति उनके भीतर छिपी रुचि को जागृत करना भी है। आकांक्षा ग्रोवर अपने अनुभवों और अभ्यास की विधियों के माध्यम से छात्रों को निरंतर अभ्यास के महत्त्व, सुरों की समझ और गायकी की अभिव्यक्ति सिखा रही हैं। प्रतिदिन के सत्रों में बच्चों को रागों, बंदिशों, तालों और शास्त्रीय शैली के साथ-साथ पुराने फ़िल्मी गीतों की गायकी भी सिखाई जा रही है।

जानें कौन है आकांक्षा ग्रोवर

आकांक्षा ग्रोवर एक जानी-मानी हिन्दुस्तानी शास्त्रीय गायिका हैं, जिन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से शास्त्रीय संगीत में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त की है। उन्हें 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है और वे देशभर में कई मंचों पर अपने सुरों का जादू बिखेर चुकी हैं। उनका गायन ग़ज़ल, ठुमरी, दादरा और पुराने हिंदी फ़िल्मी गीतों में विशेष रूप से लोकप्रिय है। उनकी गायकी की यात्रा बचपन में अपनी माँ के भजन सुनने से शुरू हुई और फिर मात्र सात वर्ष की उम्र में उन्होंने संगीत की औपचारिक शिक्षा लेनी शुरू की। आकांक्षा ने मुंबई, दिल्ली, गोवा, बेंगलुरु और हिमाचल प्रदेश जैसे कई शहरों में अपनी प्रस्तुतियां दी हैं। वे ‘साहित्य आजतक 2022’ में भी शामिल हो चुकी हैं, जहाँ उन्होंने लता मंगेशकर को समर्पित भावपूर्ण गीत प्रस्तुत किए थे।

हिमाचल की वादियों में एकांत में रियाज़ कर अपनी साधना को और निखारा

कोविड-19 महामारी और स्वास्थ्य समस्याओं के कठिन समय में भी संगीत ने उन्हें संबल दिया। उन्होंने हिमाचल की वादियों में एकांत में रियाज़ कर अपनी साधना को और निखारा। आज वे न केवल एक कलाकार हैं, बल्कि एक मार्गदर्शक भी हैं, जो अपने “Akanksha School of Music and Arts” के माध्यम से अगली पीढ़ी को संगीत का ज्ञान दे रही हैं।

अल्मोड़ा में संगीत का उत्सव

कार्यशाला के अंतिम दिन एक प्रस्तुति समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें छात्र अपनी सीखी हुई रचनाओं को प्रस्तुत करेंगे। यह आयोजन न केवल विद्यार्थियों के लिए एक मंच प्रदान करेगा, बल्कि अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों को भी सांस्कृतिक समृद्धि का अनुभव करने का अवसर देगा।

संगीत के माध्यम से आत्मिक जुड़ाव

आकांक्षा ग्रोवर का मानना है कि संगीत केवल कला नहीं, बल्कि एक साधना है। “हर राग एक मनोदशा है, एक अनुभव है जिसे आत्मा से महसूस करना होता है। वे चाहती हैं कि बच्चे केवल गीत न गाएं, बल्कि उन्हें महसूस करें,”। शारदा पब्लिक स्कूल की यह पहल निश्चित ही अल्मोड़ा के सांस्कृतिक परिदृश्य को समृद्ध करेगी और स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने की दिशा में एक सार्थक कदम सिद्ध होगी।