अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज के अधीन बेस अस्पताल में अब धीरे-धीरे व्यवस्थाएं पटरी पर आने लगी हैं। अस्पताल में एफएनएसी जांच की भी सुविधा मरीजों को मिलने लगी है। एफएनएसी (फाइन निडिल एस्पिरेशन साइटोलॉजी) जांच शुरू होने से मरीजों को शुरुआती दौर में कैंसर जैसी घातक बीमारी का पता लग सकेगा। इस जांच के जरिए बेस अस्पताल में अब तक 25 से 30 मरीजों के फेफड़ों में कैंसर की पुष्टि हो चुकी है।
मरीजों को महानगरों के अस्पतालों की लगानी पड़ती थी दौड़
अब तक कैंसर जैसी घातक बीमारियों की जांच के लिए लोगों को हल्द्वानी समेत महानगरों की दौड़ लगानी पड़ती थी। ऐसे में कई बार मरीजों को समय पर बीमारी का भी पता नहीं लग पाता था। वहीं समय के साथ ही मरीजों को अधिक धनराशि खर्च करती पड़ती थी, लेकिन अब अल्मोड़ा समेत बागेश्वर, पिथौरागढ़ और पर्वतीय जिलों के मरीजों को अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज के अधीन बेस अस्पताल में ही यह सुविधा मिलने लगी है। इससे मरीजों की समय के साथ ही धनराशि की भी बचत हो रही है।
एफएनएसी जांच से शुरुआती दौर के कैंसर का लग सकेगा पता
डॉक्टरों ने बताया कि कैंसर की गांठ जो सीटी स्कैन या अल्ट्रासाउंड की जांच में नहीं आ पाती उसके लिए एफएनएसी की जाती है। डॉक्टरों ने बताया कि अब तक इस जांच के लिए मरीजों को हल्द्वानी या महानगरों की दौड़ लगानी पड़ती है। अब उन्हें ये सेवा बेस अस्पताल में ही मिलने लगी है। एफएनएसी जांच से शुरुआती दौर के कैंसर जैसी घातक बीमारी का पता लगाया जा सकेगा।
एफएनएसी जांच क्या है
एफएनएसी यानी (फाइन निडिल एस्पिरेशन साइटोलॉजी) बारीक सूई से गांठ की भीतरी तहों को कुरेदकर वहां हुई कोशिकाओं को उसी सूई से खींचकर निकाला जाता है और माइक्रोस्कोप से उसकी जांच की जाती है। बेहद छोटी या अस्पष्ट गांठों के लिए अल्ट्रासाउंड या सीटी स्कैन गाइडेड एफएनएसी की जाती है।
इन जांचों की भी मिल रही सुविधा
पीटी, एपीटीटी, डी-डाइमर, समेत कई अन्य बीमारियों की भी जांच अब अस्पताल में मिलनी शुरू हो गई है। बेस अस्पताल में आने वाले दिनों में कई और आधुनिक सुविधाओं का भी विस्तार होना है।
अब तक 25 से 30 मरीजों में हो चुकी है फेफड़ों के कैंसर की पुष्टि
प्रो. डॉ. विनय कुमार, एचओडी पैथालॉजी ने बताया कि अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में एफएनएसी जांच की सुविधा शुरू हो गई है। यहां हुई जांच में अब तक यहां 25 से 30 मरीजों के फेफड़ों में कैंसर की पुष्टि हो चुकी है।