अल्मोड़ा से जुड़ी खबर सामने आई है। गांव में मानव-वन्यजीव संघर्ष एक बड़ा चिंता का विषय है। जो वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती है। ऐसे में अब खास तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।
वन्यजीव संघर्ष प्रभावित इन कैमरों की बैटरी सूर्य की रोशनी से होगी चार्ज
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके लिए अब वन विभाग अत्याधुनिक तकनीक वाले हाइटेक कैमरा ट्रैप की मदद लेने लगा है। इसकी खासियत भी है। विशेष स्क्रीन वाले ये अत्याधुनिक स्वचालित लाइव कैमरे फोटो तथा वीडियो के जरिये वास्तविक समय पर संवेदनशील क्षेत्रों में वन्यजीवों के व्यवहार, गतिविधियों व घटना की सटीक जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध कराएंगे। इससे वन विभाग को ग्रामीणों को सतर्क करते हुए संभावित संघर्ष को टालने में बड़ी मदद मिलेगी।
अल्मोड़ा डिवीजन को सौ कैमरे दिए
रिपोर्ट्स के मुताबिक उत्तराखंड वन विभाग ने शुरुआती चरण में अल्मोड़ा डिवीजन को सौ कैमरे दिए हैं। रेंज आफिसर तापस मिश्रा के अनुसार प्रशिक्षण के बाद रानीखेत रेंज में 15 कैमरे लगा दिए गए हैं। तराई पूर्वी वन प्रभाग के संवेदनशील गांवों के इर्दगिर्द 10 कैमरों से निगरानी शुरू हो गई है।