अल्मोड़ा: ग्रीन हिल्स ट्रस्ट ने वारि विमर्श: जल पर चर्चा का किया आयोजन, जल संकट के समाधान के लिए गहन चिंतन व ठोस कदम उठाने पर हुई चर्चा

अल्मोड़ा से जुड़ी खबर सामने आई है। अल्मोड़ा में आज दिनांक 13 जून को ग्रीन हिल्स ट्रस्ट द्वारा जल संकट के समाधान के लिए गहन चिंतन मनन कर किसी ठोस कदम उठाने के लिए एक वृहत गोष्ठी वारि विमर्श: जल पर चर्चा का आयोजन किया गया।

गोष्ठी का आयोजन

इस कार्यक्रम की भूमिका रखते हुए ट्रस्ट की सचिव डाॅ. वसुधा पन्त ने कहा की समाज के पांच मुख्य  स्तम्भ होते हैं राजनेता, धार्मिक, बुद्धिजीवी, कलाकार एवं धनपति। इस कार्यक्रम के माध्यम से समाज के सभी संगठनों से आह्वान किया जाता है की सब एक जुट होकर जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए कार्य करें।

रहें मुख्य अतिथि

इस के मुख्य अतिथि जिलाधिकारी विनीत तोमर रहें एवं अध्यक्षता कैलाश शर्मा पूर्व विधायक प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा द्वारा की गयी। इसमें विभिन्न  संगठनों से आये प्रबुद्ध जनों द्वारा अपने  अनुभव साझा करे गए  और एक सार्थक निर्णय के लिए  वार्ता हुई।

पानी की खास महत्ता

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता कांडपाल ने अपनी व्यक्तिगत कहानी से शुरुआत की कि उन्होंने किस तरह की यात्रा की और किन समस्याओं का सामना किया। किन जानकार और अनुभवी लोगों से मिले। जिन्होंने उन्हें वृक्षारोपण करने के लिए प्रेरित किया। कहा कि 2012 में एक गांव की महिला ने उनकी आंखें खोल दीं कि नौलों को पानी नहीं मिलता, क्योंकि स्रोत सूखा है और स्रोत इसलिए सूखा है क्योंकि उसमें हल नहीं चलता‌। जिन खेतों में खाद्य  खोदे गए थे , वहां नौलों में पानी था, जहां खाव नहीं थे  वहां नौले सूखे थे और खेत भी सूखे थे। उन्होंने नौलों को रिचार्ज करने के लिए लोगों को संगठित किया। पर्यावरण में सुधार व्यक्तिगत रूप से महत्वपूर्ण घटना से जोड़कर किया जा सकता है, जैसे कि किसी के जन्म या मृत्यु या अन्य महत्वपूर्ण अवसर पर खाव खोदना या पेड़ लगाना। प्रत्येक खेत को पानी के अवशोषण को अधिकतम करने के लिए जोता जाना चाहिए और परित्यक्त खेतों में खाद्य खोदे जाने चाहिए। उन्होंने शहर के लोगों को, विशेष रूप से सेवानिवृत्त लोगों को, अपने गांव के पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

रेन वाटर हार्वेस्टिंग की महत्ता बताई

जिलाधिकारी विनीत तोमर द्वारा रेन वाटर हार्वेस्टिंग की महत्ता और आज के समय में इसकी आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त किए गए। कैलाश शर्मा द्वारा कहा गया कि मैं नहीं हम करके काम करना है। सभी ने मिलजुल जल संरक्षण के काम  को करना है तो ही जाकर समस्या का हल निकल पाएगा।

किया प्रतिभाग

वार्ता का संचालन डॉ वसुधा पंत जी द्वारा किया गया। इस आयोजन में नमामि गंगे से रंजीता जीना, पदम् ललित पांडे, डॉ जे सी दुर्गा पाल, व्यापार संघ अध्यक्ष अजय वर्मा, द्वाराहाट से मोहन चंद कांड पाल, मनोहर सिंह नेगी ,रूप सिंह बिष्ट, , भूषण पांडे किशन चंद गुरुरानी श्रीमती लता पांडे ममता पंत, विनोद  तिवारी संजय साह, राधा तिवारी, डॉ निर्मल कुमार, संजय पांडे, डॉ निर्मल कुमार पंत, भूपेंद्र वल्दिया,  भुवन चंद्र मिश्रा आशिष वर्मा, डॉ दीपा गुप्ता सहित  करीब 100 लोगो ने भाग लिया।