अल्मोड़ा: शीतकालीन फल पौध और नर्सरियों लाइसेंस आवंटन करने के मामले में चौबटिया उद्यान निदेशालय तक पहुंची जांच की आंच, सभी दस्तावेज सीज

अल्मोड़ा जिले से जुड़ी खबर सामने आई है रानीखेत में मुख्यमंत्री एकीकृत बागवानी मिशन में हुए पौध खरीद मामले की जांच यहां उद्यान निदेशालय तक पहुंच गई है। हाईकोर्ट में इसको लेकर पीआईएल दाखिल की गई थी। मंगलवार को बतौर मजिस्ट्रेट रानीखेत के संयुक्त मजिस्ट्रेट ने चौबटिया स्थित उद्यान निदेशालय में पहुंच तमाम दस्तावेजों को सीज कर दिया। जांच टीम के उद्यान निदेशालय पहुंचने पर हड़कंप मच गया। बता दें कि हाइकोर्ट के निर्देश पर कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण सचिव दीपेंद्र कुमार चौधरी ने अल्मोड़ा जिलाधिकारी को शीतकालीन फल पौध और नर्सरियों को लाइसेंस आवंटन करने वाले दस्तावेजों को सीज करने के आदेश जारी किए थे।

इस मामले में सभी संबंधित दस्तावेजों को किया गया सीज

अपर निदेशक उद्यान डॉ. आरके सिंह के साथ मय टीम पहुंचे संयुक्त मजिस्ट्रेट जय किशन ने इस मामले में सभी संबंधित दस्तावेजों को सीज कर लिया। देर शाम तक यह कार्रवाई चलती रही। जिससे विभाग में हड़कंप का माहौल बना रहा। इससे पूर्व अपराह्न संयुक्त मजिस्ट्रेट मय टीम वहां पहुंचे। उन्होंने एक एक कर सभी दस्तावेजों का बारीकी के साथ निरीक्षण किया। बतौर मजिस्ट्रेटी पावर उन्होंने सभी दस्तावेजों को सीज कर अपनी सुरक्षा में ले लिया। चौबिटया उद्यान निदेशालय में जांच को लेकर दोपहर बाद हड़कंप का माहौल बना रहा। बता दें कि इन्हीं मामलों को लेकर कुछ समय पहले उद्यान निदेशक डॉ. हरमिंदर सिंह बावेजा को निलंबित भी किया गया था।

बागवानी मिशन में हुए पौध खरीद को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता दीपक करगेती की जनहित याचिका की गई स्वीकार

मुख्यमंत्री एकीकृत बागवानी मिशन में हुए पौध खरीद को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता दीपक करगेती की जनहित याचिका स्वीकार हुई। उत्तरकाशी में फर्जी नर्सरी अनिका ट्रेडर्स को रातों रात नर्सरी का लाइसेंस देकर राज्यभर में करोड़ो का पौध खरीद घोटाला। उत्तरकाशी में तत्कालीन मुख्य उद्यान अधिकारी के होते हुए वर्तमान में रिटायर्ड हुए उद्यान अधिकारी ने निलंबित उद्यान निदेशक हरमिंदर सिंह बवेजा और संयुक्त निदेशक गढ़वाल मंडल के साथ मिलकर बैक डेट में एके मिश्रा को मुख्य उद्यान अधिकारी बनाकर केंद्रीय और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं में किसानों के हित में आए करोड़ों के मद की निकासी कर ली।

18 जुलाई को होगी अगली सुनवाई

निलंबित उद्यान निदेशक बवेजा, सत्यापन कमेटी और प्रभारी उद्यान अधिकारी नैनीताल राजेंद्र कुमार सिंह ने बरकत एग्रो फार्म नाम की कश्मीर की एक नर्सरी के साथ मिलकर नैनीताल जिले में करोड़ों का घोटाला। इन दस्तावेजों की जांच सीबीआई द्वारा होनी है और 18 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई तक सीबीआई न्यायालय को बताएगी कि क्या कार्यवाही सीबीआई द्वारा की जा सकती है।

उत्तराखंड के कास्तकारों को न्यायालय पर ही न्याय की एकमात्र उम्मीद -दीपक करगेती

दीपक करगेती (संयोजक – भ्रष्टाचार मिटाओ उद्यान बचाओ यात्रा) ने कहा कि उत्तराखंड के कास्तकारों की न्यायालय पर ही न्याय की एकमात्र उम्मीद है, निदेशालय स्तर पर दस्तावेज सीज होना आवश्यक था क्योंकि निदेशालय स्तर पर अभी भी दस्तावेजों की छेड़छाड़ हो सकती है, उत्तराखंड में उद्यान विभाग में यदि धरातल पर ईमानदारी से कार्य करे तो यह उत्तराखंड के लिए वरदान सिद्ध हो सकता है।

दस्तावेजों को सुपुर्दगी में लेकर इन्हें डबल लॉक में लेना होगा -जय किशन संयुक्त मजिस्ट्रेट

जय किशन, संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत ने कहा कि 27 जून को हाइकोर्ट के निर्देश के बाद मुख्यमंत्री एकीकृत विकास योजना के तहत निदेशालय में कितने प्रपत्र हैं। जांच के सिलसिले में अभी चौबटिया निदेशालय में हूं। जिलाधिकारी ने बतौर मजिस्ट्रेट मुझे आदेश किए हैं। बतौर मजिस्ट्रेट दस्तावेजों को सुपुर्दगी में लेकर इन्हें डबल लॉक में लेना है। इन दस्तावेजों को रानीखेत ट्रेजरी पहुंचाया जाएगा।