अल्मोड़ा: दुबई की करोड़ों की नौकरी छोड़ उत्तराखंड के पहाड़ों में बसे ईशान ग्रोवर, कसार देवी में शुरू किया ‘Thoda Slow’ कैफे

अल्मोड़ा: शहर की भागदौड़, काम का तनाव और कॉर्पोरेट लाइफ की तेज दौड़ छोड़कर सुकून की तलाश में पहाड़ों का रुख करने की एक कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में बनी हुई है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहीं कहानी

जी हां हम बात कर रहे हैं संयुक्त अरब अमीरात (दुबई) में रियल एस्टेट का सफल कारोबार करने वाले ईशान ग्रोवर की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईशान ने अपनी करोड़ों की नौकरी और को अलविदा कहकर उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले स्थित कसार देवी में अपनी एक नई शुरुआत की है। उन्होंने यहां खुद का  ‘Thoda Slow’ नाम से एक कैफे शुरू किया है। ईशान ग्रोवर की यह प्रेरणादायक कहानी सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीत रही है।

एक ट्रिप और पिता के निधन ने बदली जिंदगी की सोच

ईशान कई सालों तक दुबई में रियल एस्टेट सेक्टर में ऊंचे पदों पर कार्यरत थे। हालांकि, काम का भारी दबाव और जिंदगी की तेज रफ्तार उन्हें अंदर से थका रही थी। इसी बीच उत्तराखंड की एक यात्रा ने उनका प्रकृति और पहाड़ों के प्रति नजरिया बदल दिया। कंटेंट क्रिएटर हिमांशु खोसला की ‘Unfiltered Life’ सीरीज में अपनी कहानी साझा करते हुए ईशान ने बताया कि उनके फैसले के पीछे एक बड़ा व्यक्तिगत कारण भी था। उनके पिता का कैंसर से निधन हो गया था। अस्पतालों के चक्कर काटने और उस कठिन दौर से गुजरने के दौरान उन्होंने जिंदगी को बहुत करीब से समझा। उन्हें अहसास हुआ कि जिस भौतिकवादी सफलता के पीछे वे भाग रहे थे, उसमें असली सुकून नहीं था। पिता के जाने के बाद ईशान ने अपनी जिंदगी की रफ्तार को थोड़ा धीमा करने का मन बनाया। इसी सोच के आधार पर उन्होंने कसार देवी में अपने कैफे का नाम ‘Thoda Slow’ रखा।