अल्मोड़ा से जुड़ी खबर है। अल्मोड़ा जिले के विश्वनाथ टाल में कुछ समय से लकड़ियों की कमी बनीं हुई है। इससे श्मशान घाट पर शव को जलाने में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
घाट में दाह संस्कार के लिए पर्याप्त मात्रा में लकड़ियां नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण
जिस पर धर्म जागरण समन्वय अल्मोड़ा ने विश्वनाथ घाट में पर्याप्त मात्रा में लकड़ियां न होना दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए नाराजगी जताई है। साथ ही प्रशासन से मांग की गयी है कि लापरवाही बरतने वाले संबधित अधिकारियों व कर्मचारियों के विरूद्ध कार्यवाही की जाएं और जल्द विश्वनाथ घाट में लकड़ियां उपलब्ध कराने की भी मांग की है। साथ ही धर्म जागरण समन्वय अल्मोड़ा के जिला संयोजक कमल सिंह बिष्ट ने बताया कि वन निगम के सेक्शन अधिकारी धनी राम, विश्वनाथ टाल इंचार्ज प्रताप नयाल से कई बार लकड़ियों की कमी व मंगवाने की बात कही गई। लेकिन यह लोग लकड़ियां मंगवाने में असफल हो रहें हैं। इससे शहर के साथ ही दूर जगहों से आने वाले लोगों को भी लकड़ियों की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही लोगों द्वारा शिकायत मिल रही है कि कई बार यह लोग ड्यूटी पर भी तय समय पर मौजूद नहीं रहते हैं।
दाह संस्कार को शव ला रहें लोगों को आ रहीं दिक्कतें
बता दें कि विश्वनाथ घाट एक बहुत बड़ा घाट व तीर्थ स्थल भी है। यहां दूर दूर से लोग शव दाह के संस्कार के लिए आते है। ऐसे में कई दिनों से लकड़ियों की कमी होने से दाह संस्कार के लिए पंहुच रहें लोगों को शव को जलाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं।
जताया रोष
जिस पर धर्म जागरण समन्वय के संस्कृति प्रमुख अरविंद चंद जोशी, कुमाऊं प्रमुख मनोज सिंह पवार, कुमाऊं सम्पर्क प्रमुख सुनिल कुमार यादव, प्रशासनिक प्रमुख हेम चंद्र गुरूरानी, विभाग संयोजक दीपक वर्मा, विभाग संस्कृति प्रमुख राजेश जोशी, मातृ शक्ति विभाग प्रमुख गंगा जोशी, जिला मातृ संयोजिका प्रोफेसर अराधना शुक्ला, गंगा जोशी, जिला संस्कृति प्रमुख बृहस्पति गिरी महाराज, जिला संयोजक कमल सिंह बिष्ट, जिला सह संयोजक शंकर जोशी, जिला परियोजना प्रमुख मनीष तिवारी, जिला सह परियोजना प्रमुख अजय कुमार, नगर संयोजक दीप चंद्र जोशी, नगर सह संयोजक प्रदीप कुमार, खण्ड संयोजक बहादुर लटवाल, राजेंद्र लटवाल ने रोष व्यक्त किया है।