गौ सेवा न्यास की आर्य समाज अल्मो़ड़ा मे बैठक सम्पन्न हुई । बैठक में गौशाला की प्रगति पर विचार विमर्श हुआ । बैठक का संचालन करते हुवे गौ सेवा न्यास के सचिव दयाकृष्ण काण्डपाल ने सरकार के उस प्रस्ताव का समर्थन किया जिसमे प्रत्येक ग्राम सभा मे एक गौशाला खोलने का प्रस्ताव किया गया है ।
महिलाओं के सिर पर पशु पालन के लिये भारी बोझ
उत्तराखण्ड के पहाड़ो में महिलाओं के सिर पर पशु पालन के लिये भारी बोझ है , कई महिलाये पहाड़ी जंगलो से घास लाने मे ही फिसल कर संकट मे पड़ जाती है ऐसे मे चारा बैकों के माध्यम से गौ पालकों को चारा भी उपलब्ध कराया जाने की सरकार से मांग की गई ।

गौशाला मे क्षमता के अनुसार तीस गाये रखी है
गौसेवा न्यास द्वारा कटारमल ग्राम सभा के शोले तोक में निकट ज्योली के पास खोली गई गौ शाला की वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डालते हुये चन्द्रमणी भट्ट ने बताया कि गौशाला मे क्षमता के अनुसार तीस गाये रखी है । फिलहाल किसी नई गाय को रखने के लिये कोई व्यवस्था नही है । सरकार की ओर से यदि कोई व्यवस्था होती है । तो गौशाला उस पर विचार करेगी । गौशाला के कोषाध्यक्ष पूरन चन्द्र तिवारी ने समस्त दानदाताओं का आभार व्यक्त किया तथा आय व्यय की पुष्ठि की ।
गौ शाला मे वृक्षारोपण हेतु आठ हजार पौधे उपलब्ध
गौ शाला मे गौ कृपा महिला स्वयं सहायता समुह द्वारा उत्पादिक , बांज , पांगर , क्वेराल रीठा सानन , उतीस , मोरपंखी सहतूत के पौधो उपलब्ध है । बैठक में प्रताप सिंह सत्याल जी ने लोगों से अपील की कि वे वृक्षारोपण हेतु पौधे गौ शाला से खरीद सकते है । पी एस बोरा ने कहा कि गौ शाला मे सावन मे एक वृहद वृक्षारोपण कराया जाय , डा .जे सी दुर्गापाल ने कहा कि वह चाहते है कि वृक्षारोपण के बाद वृक्षों की रक्षा भी हो , अन्त मे बसन्त बल्लभ पन्त ने शान्तिपाठ तथा बैठक की अध्यक्षता कर रहे बद्री बिशाल अग्रवाल ने सबका धन्यवाद अदा किया । तय हुवा कि गौसेवा न्यास गौशाला के संरक्षण के साथ ही वृक्षारोपण , पौधालय का विकास गौशालाओं की स्थापना संरक्षण हेतु जन जागृति , तथा जैविक खेती के प्रति प्रयोग व लोगो को प्रोत्साहित करेगी ।