गांव बचाओ संघर्ष समिति की ओर से अल्मोड़ा में बैठक हुई। इसमें गांवों को पालिका में मिलाने के प्रस्ताव का विरोध करते हुए आंदोलन की रणनीति को लेकर चर्चा की गई। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि मुख्यमंत्री से मुलाकात कर समस्याओं से अगवत कराया जाएगा।
ग्रामीणों में रोष व्याप्त
वक्ताओं ने कहा कि गांव बचाओं संघर्ष समिति के बैनर तले विभिन्न ग्राम पंचायतों के जनप्रतिधि समेत ग्रामीण लगातार पालिका के प्रस्ताव का विरोध कर रहे है। कई बार धरना-प्रदर्शन के बाद भी अभी तक मामले में शासन-प्रशासन की ओर से कोई निर्णय नहीं लिया गया है। इससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि जबरन गांवों को पालिका में शामिल किया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
ये मौजूद रहे
यहां प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष धीरेंद्र गैलाकोटी, पूर्व प्रधान हरीश कनवाल, पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख आनंद सिंह कनवाल, प्रधान किशन बिष्ट, जसवंत बिष्ट, देवेंद्र बिष्ट, हरीश रावत, नवीन बिष्ट, हेमा बिष्ट, विपिन बिष्ट, नितिन रावत, संदीप तड़ागी, आशु साह आदि मौजूद रहे।