अल्मोड़ा: उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार और जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष श्रीकांत पाण्डेय के मार्गदर्शन में आज जनपद के विभिन्न स्थानों पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित हुए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शचि शर्मा के नेतृत्व में “सुरक्षित दवा: सुरक्षित जीवन” अभियान के तहत ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।
इन स्थानों पर आयोजित हुए शिविर
प्राधिकरण द्वारा आज ग्राम रैखोली, राजकीय होटल मैनेजमेंट संस्थान तथा आइडियल कंप्यूटर प्रशिक्षण संस्थान में विशेष शिविरों का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों की शुरुआत नालसा (NALSA) के थीम गीत ‘एक मुट्ठी आसमान’ के साथ की गई, जिसने उपस्थित लोगों में उत्साह भर दिया। शिविरों के दौरान सचिव शचि शर्मा ने महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की। दवाएं खरीदते समय बरती जाने वाली सावधानियां और एक्सपायरी दवाओं के गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति सचेत किया गया। बाल विवाह निषेध, कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न अधिनियम (2013), दहेज निषेध और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम की जानकारी दी गई।निःशुल्क कानूनी सहायता योजना, ‘नालसा संवाद योजना-2025’ और चाइल्ड हेल्पलाइन नंबरों के बारे में बताया गया।
मध्यस्थता अभियान पर जोर
शिविर में बताया गया कि जनपद में 2 जनवरी 2026 से 90 दिवसीय विशेष मध्यस्थता अभियान चल रहा है। इसके माध्यम से आपसी विवादों को कोर्ट के बाहर समझौते से सुलझाने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर ग्रामीणों और विद्यार्थियों को कानूनी जानकारी से संबंधित पैम्फलेट भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में ‘अधिकार मित्र’ और संस्थान के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।