अल्मोड़ा ब्रेकिंग: विजिलेंस का बड़ा एक्शन: जागेश्वर में लीसा ठेकेदार से रिश्वत लेते फारेस्टर रंगे हाथ दबोचा, रेंजर पर भी गिरी गाज

अल्मोड़ा: उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के विरुद्ध जारी अभियान के तहत विजिलेंस की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है।

विजिलेंस की कार्यवाही

मिली जानकारी के अनुसार आज शनिवार को हल्द्वानी सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की टीम ने अल्मोड़ा जिले के जागेश्वर स्थित वन क्षेत्राधिकारी कार्यालय में तैनात एक बाबू (फॉरेस्टर) को 25,500 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद से पूरे वन महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।

​जानें क्या है पूरा मामला

​शिकायतकर्ता जय प्रकाश ने विजिलेंस को सूचना दी थी कि उनके वर्ष 2026 के लीसा गड़ान-ढुलान कार्य के पंजीकरण नवीनीकरण और पुराने लंबित बिलों के भुगतान के बदले में सरकारी कर्मचारी रिश्वत की मांग कर रहे हैं। बाबू नवीन नौटियाल ने इस काम के एवज में रुपयों की मांग की थी।‌ शिकायत की पुष्टि होने के बाद सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर हल्द्वानी की टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही नवीन नौटियाल ने 25,500 रुपये की रकम पकड़ी, सतर्कता टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया।

रेंजर भी घेरे में

​इस मामले में केवल बाबू ही नहीं, बल्कि वन क्षेत्राधिकारी (रेंजर) जागेश्वर का नाम भी सामने आया है। विजिलेंस ने जांच के आधार पर रेंजर को भी इस भ्रष्टाचार के मामले में सह-अभियुक्त बनाया है। उनके खिलाफ भी नियमनुसार वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) सिविल सोयम वन प्रभाग, प्रदीप धौलाखंडी ने बताया कि फिलहाल हमें विजिलेंस की ओर से कार्रवाई से संबंधित कोई आधिकारिक पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। जैसे ही विभाग को लिखित सूचना मिलेगी, आरोपित कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।