अल्मोड़ा: वन पंचायत संगठन ने उठाई 13 सूत्रीय मांग, कहीं यह बात

अल्मोड़ा से जुड़ी खबर सामने आई है। यहां वन पंचायतों के सशक्तिकरण की मांग को वन पंचायत संगठन आगे आया है।

कहीं यह बात

जिसमें वन पंचायत संगठन के नेतृत्व में विभिन्न सामाजिक संगठनों ने मुख्यमंत्री से 13 सूत्रीय मांग उठाई। जिसमें वन नियमावली में संशोधन से पूर्व वन पंचायत प्रतिनिधियों एवं वन मुद्दों से जुड़े लोगों को विश्वास में लेने की मांग की। इस दौरान डीएम के माध्यम से सीएम को भेजे ज्ञापन में कहा कि वन पंचायत की 1931 में बनी पहली नियमावली शैड्यूल्ड डिस्टिक्ट एक्ट के तहत बनाई गयी थी, लेकिन वर्तमान नियमावली वन अधिनियम 1927 की धारा 28 के तहत बनाए जाने के बाद अब वह वैधानिक रूप से वन पंचायत नहीं रही। इनकी स्थिति ग्राम वन होकर रह गई हैं। कहा कि राज्य गठन के बाद वन पंचायत नियमावली में तीन बार संशोधन किया जा चुका है। एक बार फिर संशोधन का ड्राफ्ट वन विभाग के पटल पर पड़ा है, नियमावली में संशोधन से पूर्व वन पंचायत प्रतिनिधियों एवं वन मुद्दों से जुड़े लोगों को विश्वास में लेने की मांग की गई।

यह लोग रहें मौजूद

इस मौके पर मांग करने वालों में संगठन संरक्षक ईश्वर जोशी, सरपंच संगठन ताकुला अध्यक्ष डूंगर सिंह, सरपंच महेंद्र सिंह बिष्ट, पूरन सिंह नयाल, हर सिंह बिष्ट, वन पंचायत संघर्ष मोर्चा के तरूण जोशी, ग्राम प्रधान भुवन आर्या, संसाधन पंचायत के दिनेश कुमार आदि लोग मौजूद रहे।