विशेष सत्र न्यायाधीश अल्मोड़ा मलिक मजहर सुल्तान की अदालत ने लोकेश मेहता, पुत्र डा. हरीश सिंह मेहता की जमानत याचिका स्वीकार की। जिसमें अभियुक्तगण के अधिवक्ता दीप चन्द्र जोशी, अधिवक्ता कृष्णा चन्द्र बाराकोटी, अधिवक्ता विक्रांत भटनाकर, अधिवक्ता पंकज बजेठा, अधिवक्ता सुनील कुमार ग्वाल ने पैरवी की।
जानें पूरा मामला-
दिनांक 13.7.2022 को वादी मुकदमा एसआई बिशन लाल अन्य पुलिस कर्मियों के साथ शान्ति व्यवस्था और तलाश मादक पदार्थ के लिये जाने से रवाना होकर बल्डोटी तिराहे पर पहुँचे और वहाँ पर चैकिंग करने लगे। दौरान चैंकिंग एक व्यक्ति एन0टी0डी0 की तरफ से पुलिस पार्टी की ओर आता दिखाई दिया और पुलिस वालों को चेकिंग करता देखकर मुड़कर भागने लगा। जिस पर पुलिस वालों के द्वारा उसे घेरकर पकड़ लिया गया और नाम पता पूछा गया और शक होने पर उसकी तलाशी ली गई तो उसकी जींस की दाहिनी जेब से एक छोटा पारदर्शी प्लास्टिक के ढक्कन वाला इलेक्ट्रिोनिक तराजू तथा जीन्स की बायी जेब से पारदर्शी प्लास्टिक की पन्नी बरामद हुई। जिसमें हल्के भूरे रंग का पदार्थ मिला जो सूंघने पर स्मैक होना पाया गया। अभियुक्त को उसके जुर्म से अवगत कराते हुये गिरफ्तार किया गया। बरामदशुदा स्मैक को उक्त तराजू से मौके पर तोला गया जो मय प्लास्टिक पन्नी के 997 ग्राम थी। आने-जाने वाले व्यक्तियों को गवाही के लिये कहा गया परन्तु भलाई-बुराई का वास्ता देकर बिना नाम पता बताये चले गये। मौके पर बरामद स्मैक को सील मोहर किया गया तथा इसकी नमूना सील तथा अन्य प्रपत्र तैयार किये गये। इस बरामदगी की फर्द के आधार पर थाना कोतवाली अल्मोड़ा में अपराध संख्या- 64/2022 अन्तर्गत धारा 8/21 एन०डी०पी०एस० अधिनियम में वर्तमान अभियुक्त के विरुद्ध मामला दर्ज कर विवेचना आरम्भ की गई तथा बाद विवेचना अभियुक्त के विरूद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया जा चुका है।
जमानत पत्र में कहीं यह बात-
जमानत प्रार्थना पत्र में अभियुक्त द्वारा यह आधार लिये गये हैं कि पर लगाये गये सभी आरोप असत्य, बेबुनियाद व निराधार हैं जिनका सत्यता से कोई सरोकार नहीं है। अभियुक्त दिनांक 13.7:2022 से जिला कारागार अल्मोड़ा में निरुद्ध है तथा अभियुक्त को झूठा मामला बनाकर फँसाया गया है, उसके द्वारा उपरोक्त धाराओं के अन्तर्गत कोई अपराध नहीं किया गया है। अभियुक्त के पास से ना तो कोई अवध स्मैक बरमद हुई और ना ही कोई तराजू ही बरामद हुआ। अभियुक्त को तथाकथित बरामदगी की कोई जानकारी नहीं है। पुलिस व एस० ओ०जी० द्वारा रंजिशन गलत व झूठी बरामदगी दिखाई गई है। अभियुक्त को दिनांक 13.7.2022 को दोपहर के समय उसके घर से बुलाया गया और सीधे थाने ले जाया गया। उसे बल्बोटी तिराहे के समीप से पकड़ के नहीं लाया गया। उसका घर एन०टी०डी० चौकी से लगभग 100 मीटर की दूरी पर स्थित है। पुलिस द्वारा धारा 50 एन०डी०पी०एस० एक्ट के प्राविधानों का अनुपालन नहीं किया गया। गिरफ्तारी का ना कोई स्वतन्त्र साक्षी है और ना ही मामले की कोई वीडियोग्राफी या फोटोग्राफी ही की गई। अभियुक्त को उसके घर से चप्पल पहने ही ले जाया गया उसके पास से किसी भी प्रकार के व्यक्तिगत सामान की बरामदगी भी नहीं हुई है। अभियुक्त एन०टी०डी० अल्मोड़ा का स्थायी निवासी है और उसके भागने का कोई अंदेशा नहीं है। मामले में आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत हो चुका है तथा जमानत होने की दशा में मामले के विचारण में अभियुक्त पूर्ण सहयोग करेगा।
जमानत पर रिहा-
अभियोजन द्वारा जमानत का विरोध किया गया तथा विवेचना अधिकारी की लिखित रिपोर्ट 7ख / 1 लगायत 7ख / 3 प्रस्तुत की जिसमें यह उल्लेख किया गया है कि चैकिंग के दौरान दिनांक 13.72022 को अभियुक्त के कब्जे से 9.97 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई। जनता का कोई गवाह गवाही के लिये तैयार नहीं हुआ। यदि अभियुक्त को जमानत पर रिहा किया जाता है तो वह पुन: इस प्रकार के अपराध कारित कर सकता है और उसके फरार होने की प्रबल सम्भावना है। पक्षकारों के विद्वान अधिवक्ता को सुना गया तथा पुलिस प्रपत्रों का परिशीलन किया गया। जिस पर अदालत ने अभियुक्त को रूपये तीस हजार के स्व बन्ध पत्र और समान राशि के दो प्रतिभू पत्र दाखिल करने पर जमानत पर रिहा किया।