अल्मोड़ा: ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर मां नंदा सुनंदा के सदियों से लगने वाले मेले को राजकीय मेला ना घोषित कर पाना बड़ी विफलता – भूपेंद्र सिंह भोज

अल्मोड़ा से जुड़ी खबर सामने आई है। अल्मोड़ा में कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज ने एक प्रेस को बयान जारी किया।

जारी किया बयान

इस जारी बयान में उन्होंने कहा की ऐतिहासिक नंदा देवी मेले के उद्घाटन के अवसर पर स्थानीय सांसद और देश के सड़क एवं परिवहन राज्य मंत्री अजय टम्टा द्वारा अल्मोड़ा नगर को, जो की चंद्रवंशी राजाओं की राजधानी भी रहा है, उस ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर मां नंदा सुनंदा के सदियों से लगने वाले मेले को राजकीय मेला ना घोषित कर पाना स्थानीय सांसद और भाजपा से जुड़े वर्तमान दर्जाधारी वर्तमान जनप्रतिनिधि और पूर्व जनप्रतिनिधियों की विफलता को दर्शाता है। कहा कि अपने सम्पूर्ण वर्चुअल भाषण में मुख्यमंत्री द्वारा पूरे प्रदेश की विभिन्न योजनाओं का जिक्र किया, लेकिन कहीं पर भी मुख्यमंत्री द्वारा माँ नंदा देवी के मेले को राजकीय मेला घोषित नहीं किया गया। मेला समिति अपने सीमित संसाधनों से वर्षों से मेला संचालित कर रही है, जो सरकारी धनराशि सरकार द्वारा समिति को उपलब्ध कराई जाती है, वो भी समय से उपलब्ध नहीं हो पाती, अभी तक पिछले वर्ष की धनराशि समिति को उपलब्ध नहीं हो पाई है। ऐसा में अपनी प्राचीन संस्कृति और धरोहर को बचाने के लिए माँ नंदादेवी मेले को राजकीय मेला घोषित किया जाना चाहिए। कहा कि बड़ा ही दुर्भाग्य है कि मुख़्यमंत्री ने अपने पूरे सम्बोधन में प्राचीन ऐतिहासिक संस्कृति को बचाने और आगे बढ़ाने की बात की, लेकिन माँ नंदा देवी के मेले को राजकीय मेला घोषित नहीं किया।

की यह मांग

जिस पर कहा कि कांग्रेस जनभावनाओं को देखते हुए सरकार से ये मांग करती है कि अविलम्ब माँ नंदादेवी मेले को राजकीय मेला घोषित किया जाए। ये भी ज्ञात हो रहा है कि राज्य सरकार द्वारा राजकीय मेलों को अलग अलग श्रेणी में रखा जा रहा है। 208 वर्षों से लगने वाला माँ नंदादेवी का मेला उत्तराखंड के सबसे प्राचीन मेलों में से एक है, ये मेला अल्मोड़ा की धार्मिक आस्था का प्रतीक है। यदि राज्य सरकार नंदादेवी मेले को प्रथम श्रेणी में स्थान नहीं देती है तो कांग्रेस जन आंदोलन को बाध्य होगी।

दी यह चेतावनी

कहा कि अल्मोड़ा नगर के विश्वविख्यात दशहरा महोत्सव में दशहरा महोत्सव समिति पिछले 2 वर्षों से स्थान उपलब्धता न हो पाने के कारण सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन नहीं करा पा रही है। पिछले वर्ष भाजपा के नेताओं द्वारा ये वचन दिया गया था कि इस वर्ष जीआईसी अल्मोड़ा के मैदान में सडक का निर्माण करवा दिया जाएगा और अल्मोड़ा दशहरा महोत्सव का भव्य आयोजन जीआईसी अल्मोड़ा के मैदान में होगा, लेकिन भाजपा के नेताओं की बातें हवा हवाई साबित हो रही है और ऐसा ही प्रचार भाजपा नेताओं द्वारा नगर निगम के चुनावों के दौरान भी किया गया था। कांग्रेस पार्टी ये एलान करती है कि यदि इस वर्ष दशहरा महोत्सव के भव्य आयोजन के लिए समुचित स्थान उपलब्ध नहीं होता है तो कांग्रेस पार्टी सरकार के साथ साथ भाजपा के उन स्थानीय नेताओं का पुतला दशहरे के दिन फूंकेगी,जिन्होंने जन आस्थाओं के साथ खिलवाड़ किया है।