अल्मोड़ा: छह सूत्रीय मांगों समेत वन पंचायतों को ग्राम प्रधानों को सौंपे जाने के प्रस्ताव का विरोध, वन पंचायत परार्शदात्री समिति ने निकाला विरोध जुलूस

अल्मोड़ा से जुड़ी खबर सामने आई है। अल्मोड़ा में छह सूत्रीय मांगों समेत वन पंचायतों को ग्राम प्रधानों को सौंपे जाने के प्रस्ताव के विरोध में वन पंचायत परार्शदात्री समिति ने बीते कल गुरूवार को विरोध जुलूस निकाला।

मांगों को लेकर डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

इस मौके पर वन पंचायत परामर्शदात्री समिति के बैनर तले जिलेभर के सरपंच यहां मालरोड स्थित गांधी पार्क में बड़ी संख्या में एकत्र हुए। यहां एक सभा हुई। जिसमें वक्ताओं ने कहा कि हाल ही में वन मंत्री की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी, जिसमें वन पंचायतों को ग्राम प्रधानों को सौंपने की बात कही गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रस्ताव वन पंचायतों को समाप्त करने की मंशा से लाया जा रहा है। वक्ताओं ने वन पंचायतों को ग्राम पंचायतों के अधीन करने का प्रस्ताव निरस्त करने, वन पंचायतों को वित्तीय अधिकारी एवं कानूनी सहयोग प्रदान करने के लिए नियमावली में संसोधन करने, वन पंचायत सलाहकार समिति का गठन करने, मानदेय एवं संसाधनों का प्रावधान करने, वन पंचायतों को ठेकेदारी एवं एनजीओ हस्तक्षेप से मुक्त करने समेत वन पंचायत नियमावली का पुननिर्माण करने की मांग उठाई।

दी यह चेतावनी

जिस पर संगठन ने जल्द मांगे पूरी नहीं होने पर सरकार के खिलाफ उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।

रहें मौजूद

इस दौरान नंदन सिंह, गोपाल सिंह, हेम चंद्र सती, दीप चंद्र बेलवाल, मनोज कुमार सती, नमन सिंह मेहरा, बहादुर सिंह मेहरा, खष्टी देवी, अनीता देवी, शोबन सिंह, ध्यान सिंह, जगदीश लटवाल, चंदन सिंह, जगदीश, दीपक गौड़, देवेंद्र कुमार पांडे, भूपेंद्र सिंह, भगवान सिंह, हेम कपिल, तुलसी देवी, राजेंद्र सिंह, जगत सिंह, किशोर सिंह, निशा जोशी, बृजेश चंद्र जोशी, प्रेम सिंह, विनोद सिंह, पूरन चंद्र, प्रेम चंद्र, भगवती प्रसाद सती, सुरेंद्र सिंह रावत, कैलाश, प्रेम कुमार, देवेंद्र राम, बलवंत नेगी, सुनील प्रसाद तिवाड़ी, केवल सिंह नेगी, धन सिंह, प्रताप सिंह, नारायण सिंह, प्रमोद पाठक, मोती सिंह बिष्ट, कुंवर सिंह, गंगा सिंह, बालम सिंह, राजेंद्र सिंह समेत तमाम वन पंचायतों के सरपंच मौजूद रहे।