अल्मोड़ा से जुड़ी खबर सामने आई है। अल्मोड़ा जिले के जिला मुख्यालय से सटे हवालबाग ब्लॉक के मटेला गांव में दुर्लभ जीव मुखौटामुखी ताड़ कस्तूरी बिलाव (रत्नमुखी कस्तूरी बिलाव) दिखा है।
कैमरे में हुआ कैद
जानकारी के अनुसार यह जीव दुर्लभ होने के साथ ही बेहद कम दिखाई देता है। यह आमतौर पर हिमालयी क्षेत्र के जंगलों में कम पाया जाता है। इस रहस्यमयी जीव को पहली बार गांव के ही प्रकृति एवं पक्षी प्रेमी मनोज कुमार आर्या ने अपने कैमरे में कैद किया है। जो क्षेत्र में लोगों के बीच कोतूहल का विषय बना हुआ है।
इन क्षेत्रों में पाया जाता है
मुखौटा मुखी कस्तूरी बिलाव सर्वाहारी होता है। यह मुख्य रूप से फल, छोटे कीड़े-मकोड़े, पक्षियों के अंडे, और छोटे जीवों को खाता है। मुखौटामुखी ताड़ कस्तूरी बिलाव एक निशाचर स्तनधारी जीव है। यह दक्षिण और दक्षिण-पूर्वी एशिया में पाया जाता है, लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में इसकी उपस्थिति बहुत ही कम देखी जाती है।