अल्मोड़ा: अल्मोड़ाजनपद में लंबित राजस्व वादों के त्वरित निस्तारण के लिए शनिवार को आयोजित ‘राजस्व लोक अदालत’ बेहद सफल रही। जिलाधिकारी अंशुल सिंह के मार्गदर्शन में जिले भर के विभिन्न राजस्व न्यायालयों में आयोजित इन अदालतों में कुल 303 मामलों का मौके पर ही निपटारा किया गया, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिली है।
जिले भर में 19 केंद्रों पर हुई सुनवाई
राज्य स्तर पर घोषित इस कार्यक्रम के तहत अल्मोड़ा जनपद में कुल 19 राजस्व लोक अदालतों का आयोजन किया गया। इन विशेष अदालतों में स्वयं जिलाधिकारी अंशुल सिंह, अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र, सभी उपजिलाधिकारियों (SDM) और तहसीलदारों ने अपने-अपने नियत न्यायालयों में बैठकर वादकारियों की समस्याओं को सुना और विधिक प्रक्रिया के तहत उनका निस्तारण किया।
इन मामलों का हुआ निस्तारण
लोक अदालत के दौरान केवल साधारण ही नहीं, बल्कि कई महत्वपूर्ण श्रेणियों के वादों पर निर्णय लिए गए। निस्तारित किए गए 303 मामलों में मुख्य रूप से शामिल थे।
• 72-आकृति और भूमि अभिलेख संबंधी प्रकरण।
• गुंडा एक्ट और खाद्य सुरक्षा अधिनियम से जुड़े मामले।
• एलआर एक्ट (LR Act) एवं अन्य राजस्व संबंधी लंबित वाद।
• कुल अदालतें: 19
• कुल निस्तारित वाद: 303
• मुख्य अधिकारी: डीएम अंशुल सिंह, एडीएम युक्ता मिश्र।
कही यह बात
सफल आयोजन के बाद जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों की पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा कि राजस्व लोक अदालतों का मुख्य उद्देश्य लंबित वादों का समयबद्ध निस्तारण कर जनता को अनावश्यक भागदौड़ से बचाना है। भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से पारदर्शिता और दक्षता के साथ अधिक से अधिक मामलों को हल करने के प्रयास जारी रहेंगे।