अल्मोड़ा से जुड़ी खबर सामने आई है। अल्मोड़ा जिले के रानीखेत का एक स्कूल है प्राथमिक विद्यालय मटीलाधूरा (ताड़ीखेत ब्लाक)। जहां नवाचारी शिक्षा दुर्गम गांवों के बच्चों को ड्रोन उड़ाने में दक्ष बना रही है।
बच्चों को मिल रहा लाभ
मिली जानकारी के अनुसार यहां बच्चे कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) के बारे में सीख रहे हैं। मटीलाधूरा के प्रधानाचार्य ने खास पहल की है। प्राथमिक स्तर पर पहली कृत्रिम (एआई) व रोबोटिक्स प्रयोगशाला तैयार करने वाले प्रधानाध्यापक भाष्कर जोशी ने चैटबाट के बाद अब ‘नो इंटरनेट क्विज’ नाम से एंड्रायड लर्निंग एप्लीकेशन (एप) विकसित किया है। उन्होंने बताया कि बजेला आनलाइन एजुकेशन एप विकसित कर बच्चों को आनलाइन पढ़ाया। पिछले वर्ष प्राथमिक स्तर पर उत्तराखंड की पहली आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस आधारित लैब तैयार कर बच्चों को एआई की पढ़ाई शुरू की। यहां गांवों के बच्चे अब ड्रोन भी उड़ाने लगे हैं। लिंक को क्लिक करने पर एआई चैटबाट विद्यार्थी से जानकारी लेता है। वह सामान्य रुचि आधारित दस से 12 प्रश्न पूछता है। जवाब न देने पर भी विद्यार्थी का आकलन करता है। यह निशुल्क सुविधा गांव के बच्चों के लिए लाभदायक साबित हो रही है। इसे एक बार गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर फिर बिना इंटरनेट कनेक्शन चलाया जा सकेगा।