उत्तराखंड में एक बार फिर अंकिता को इंसाफ दिलाने की मांग तेज हो गई है। प्रदेश की बेटी अंकिता भंडारी केस को लेकर प्रदेशभर में गुस्सा बढ़ता जा रहा है।
अंकिता को इंसाफ दिलाने की मांग तेज
इस मामले में जब से वीआईपी की बात सामने आई है, सैकड़ों की संख्या में लोग सड़क पर हैं और उस वीआईपी का नाम उजागर करने की मांग कर रहे हैं।प्रदेशभर में अंकिता को इंसाफ दिलाने की मांग को लेकर जन आक्रोश दिख रहा है। हर कूचे, हर गली, हर गांव और हर शहर में लोग हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। 2022 में हुए इस सनसनीखेज हत्याकांड को लेकर वायरल ऑडियो-वीडियो प्रकरण पर उग्र प्रदर्शन चल रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब इस मामले में उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले की सल्ट की दो नाबालिग बहनों ने अपने खून से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखा है।
राष्ट्रपति को भेजा पत्र
रिपोर्ट्स के मुताबिक पत्र भेजने वाली कुसुमलता बौड़ाई व उनकी बहन सल्ट विधानसभा के भिकियासैंण तहसील निवासी हैं। दो माह पूर्व भिकियासैंण में हुए ऑपरेशन स्वास्थ्य आंदोलन में वह संयोजिका की भूमिका निभा चुकी हैं। उनकी बहन संजना हाईस्कूल की छात्रा हैं। इस समय वह काशीपुर में रह रही हैं। दोनों ने खून से लिखे दो अलग-अलग पत्र काशीपुर एसडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजे हैं। इस पत्र में बहनों ने राष्ट्रपति को लिखा है- अंकिता दीदी को न्याय दिलाइए। उन्होंने अंकिता के हत्यारों को सजा दिलाने की मांग की है। साथ ही यह भी पूछा है कि क्या वीआईपी लोगों को अपराध करने की छूट है? कहा कि जब देश की एक बेटी को न्याय नहीं मिलता, तो बाकी बेटियां खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करें?