अल्मोड़ा:श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के तत्वाधान में
हिन्दी पत्रकारिता दिवस पर कार्यक्रम आयोजित

हिन्दी पत्रकारिता दिवस पर आज 30 मई को श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के तत्वाधान में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता यूनियन के जिलाध्यक्ष सुरेश तिवारी व संचालन दयाकृष्ण काण्ड़पाल ने किया।

हिन्दी पत्रकारिता का इतिहास  यद्यपि अत्यन्त प्राचीन है

संचालन करते हुवे यूनियन के  दयाकृष्ण काण्डपाल मे कहा  कि हिन्दी पत्रकारिता का इतिहास  यद्यपि अत्यन्त प्राचीन है पर अल्मोड़ा के शक्ति अखवार को उत्तर प्रदेश में हिन्दी  में प्रकाशित दूसरे अखबार का गौरव प्राप्त है ।  कालान्तर में देश में  कई अखबार निकले  ।उन्होंने कहा कि हिन्दी साहित्य व पत्रकारिता एक दूसरे के पूरक है ।  गोष्ठी मे  बाल प्रहरी के सम्पादक  व उपाध्यक्ष  उदय किरौला ने कहा कि पत्रकारिता एक जोखिम भरा कार्य है , यह अभिरुचि पर निर्भर करती है।

पत्रकारिता मे अध्ययन भी जरूरी है

यूनियन के उपाध्यक्ष गोपेश उप्रेती ने उत्तराखण्ड़ मे पत्रकारिका पर प्रकाश डालते हुवे कहा कि पत्रकारिता मे अध्ययन भी जरूरी है सभा को दिनेश भट्ट ,हरीश भण्ड़ारी , हेमन्त सिंह महरा ,  रमेश जोशी ने भी संम्बोधित किया । यूनियन के  अध्यक्ष सुरेश तिवारी  ने  कहा कि कि अंग्रेजी हुकूमत में कलकत्ता से  प्रकाशित हिन्दी का पहला अखबार उदण्ड मार्तण्ड 1826 में बंगाल से निकला, जो एक वर्ष तक निकलने के बाद अंग्रेजों द्वारा अखबार प्रेषित करने को डाक खर्च में रियायत ना मिलने के कारण बन्द हो गया।  इसी स्मृति में हिन्दी पत्रकारिता दिवस मनाया जाता है । 

प्रेस नोट पर  आधारित पत्रकारिता  के कारण स्थलीय पत्रकारिता का ह्रास हो रहा है

बैठक मे वक्ताओं ने कहा कि प्रेस नोट पर  आधारित पत्रकारिता  के कारण स्थलीय पत्रकारिता का ह्रास हो रहा है जिस कारण  पत्रकारिता में गिरावट आ रही है ।  बैठक मे यूनियन के प्रान्तीय सचिव , अशोक पाण्ड़े ने सभी पत्रकार मित्रों को पत्रकारिता दिवस की बधाई दी । 

ये रहे उपस्थित

बैठक में अध्यक्ष सुरेश तिवारी, दयाकृष्ण काण्डपाल, गोपेश उप्रेती, दिमेश में भट्ट, उदय किरौला, हेमन्त सिंह महरा, अशोक पाण्ड़े, रमेश जोशी, शिवेन्द्र गोस्वामी, हरीश भण्डारी, प्रकाश चन्द्र भट्ट, आदि अनेक पत्र-पत्रिकाओं से जुड़े लोग उपस्थित थे ।