अल्मोड़ा से जुड़ी खबर सामने आई है। अल्मोड़ा में परगना मजिस्ट्रेट, अल्मोड़ा संजय कुमार ने बताया कि उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा परिषद, रामनगर, नैनीताल द्वारा आयोजित वर्ष 2026 की हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा-2026 जो दिनॉंक 21 फरवरी, 2026 से 20 मार्च, 2026 तक सम्पन्न होनी है।
परीक्षा का आयोजन
उन्होंने बताया कि परीक्षा के सफलतापूर्वक संचालन में कतिपय असामाजिक एवं अवांछनीय तत्वों द्वारा साम्प्रदायिक एवं जातिगत भावनाओं को उद्धेलित कर परिशान्ति भंग करने एवं लोक परिशान्ति को विक्षुब्ध किये जाने की सम्भावना एवं इसके परिप्रेक्ष्य में प्रभावी निरोधात्मक उपाय तत्काल एवं अनिवार्य रूप से किये जाने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि परीक्षा केन्द्रों में परीक्षा के सम्पादन में शान्ति व्यवस्था बनाये रखने हेतु भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा-163 के प्रावधानों के तहत निषेधाज्ञायें लागू है।
दी यह जानकारी
उन्होंने बताया कि कोई भी व्यक्ति परीक्षा केन्द्रों के 100 गज की परिधि के अन्दर अस्त्र-शस्त्र, अग्नेयास्त्र, धारदार हथियार, लाठी डन्डा लेकर नहीं चलेगा। किन्तु यह आदेश सुरक्षा बलों, शान्ति व्यवस्था में लगे कार्मिकों, अर्द्वसैनिक बलों पर लागू नहीं होगा। परीक्षा केन्द्रों के 100 मी0 की परिधि के अन्दर किसी भी बाहरी व्यक्ति की प्रविष्टि निषिद्ध होगी, किन्तु यह आदेश परीक्षार्थी एवं शान्ति व्यवस्था में तैनात पुलिस बलों आदि व परीक्षा केन्द्र पर डयूटी में तैनात प्राधिकृत व्यक्ति पर प्रतिबन्धित नहीं है। कोई भी व्यक्ति परीक्षा केन्द्रों के 100 गज की परिधि के अन्दर ईट, पत्थर, रोड़े या फेंक कर मारी जाने वाली वस्तुएं एकत्रित नहीं करेगा और न करायेगा। परीक्षा केन्द्रों से 100 गज के आस-पास परीक्षा को प्रभावित करने के उद्देश्य से 05 या इससे अधिक व्यक्ति एक झुण्ड बनाकर एक स्थान पर एकत्रित नहीं होगें। बिना किसी अनुमति के परीक्षा के दौरान कोई भी व्यक्ति ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग नहीं करेगा और न किसी प्रकार के भाषण ही देगा। यह आदेश परीक्षा केन्द्रों में दिनॉक 21 फरवरी, 2026 से दिनॉंक 20 मार्च, 2026 तक परीक्षा की तिथि को परीक्षा प्रारम्भ होने से परीक्षा समाप्त होने तक प्रभावी रहेगा बशर्ते कि इससे पूर्व इसे निरस्त न कर दिया जाये। उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति इस आदेश का उल्लघंन करेगा तो उसका यह कृत्य भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के अर्न्तगत दण्डनीय अपराध होगा।