25 अप्रैल: विश्व मलेरिया दिवस आज, मलेरिया को नियंत्रित करने और खत्म करने के प्रयासों के बारे में जागरूकता बढ़ाना खास उद्देश्य

आज 25 अप्रैल 2025 है। आज विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है। लोगों को जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य विभाग 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस के रूप में मनाता है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक कर इस बीमारी से बचाया जा सके।‌

मलेरिया होने पर दिखते हैं यह लक्षण

मलेरिया में परजीवी संक्रमण और लाल रक्त कोशिकाओं के नष्ट होने के कारण थकान की वजह से एनीमिया, दौरा या चेतना की हानी की स्थिति बन जाती है। सेरिब्रल मलेरिया में परजीवी रक्त के जरिए मस्तिष्क तक पहुंच जाते हैं और यह शरीर के अन्य अंगों में भी पहुंच कर हानि पहुंचाते हैं। गर्भावस्था में मलेरिया का होना गर्भवती के साथ-साथ भ्रूण और नवजात के लिए भी खतरा है। मलेरिया का मच्छर सामान्यत: शाम और सुबह के बीच काटता है । अगर किसी स्वस्थ व्यक्ति को मलेरिया का संक्रमित मच्छर काटता है तो वह स्वयं तो संक्रमित होगा ही, दूसरे को भी संक्रमित कर सकता है। हालांकि मलेरिया एक रोके जाने योग्य और उपचार योग्य संक्रामक रोग है। दुनिया के कई देश इस दिशा में पहले से ही काम कर रहे हैं। 2000 और 2014 के बीच, दुनिया भर में मलेरिया से होने वाली मौतों की संख्या में 40 फीसदी की गिरावट आई है, दुनिया ने मलेरिया के खिलाफ ऐतिहासिक प्रगति की है, लाखों लोगों की जान बचाई है।

विश्व मलेरिया दिवस का इतिहास

विश्व मलेरिया दिवस का विचार अफ्रीका मलेरिया दिवस से विकसित हुआ था। अफ्रीका मलेरिया दिवस मूल रूप से एक ऐसी घटना है जिसे 2001 से अफ्रीकी सरकारों द्वारा मनाया जाता है, पहली बार यह 2008 में आयोजित किया गया था। 2007 में इसे अंतरराष्ट्रीय स्वरूप दिया गया था। उस समय से हर साल 25 अप्रैल को एक खास थीम के साथ वर्ल्ड मलेरिया डे मनाया जाता है। 2007 में विश्व स्वास्थ्य सभा के 60वें सत्र में, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा प्रायोजित एक बैठक में प्रस्तावित किया गया कि अफ्रीका मलेरिया दिवस को विश्व मलेरिया दिवस में बदल दिया जाए। यह दुनिया भर के देशों में मलेरिया के अस्तित्व की पहचान करने में मदद करेगा और मलेरिया के खिलाफ लड़ने के लिए विश्व स्तर पर लोगों में जागरूकता लाने में भी मदद करेगा।

जानें इस साल की थीम

इस साल 2025 में विश्व मलेरिया दिवस की थीम है “मलेरिया हमारे साथ समाप्त होता है: पुनर्निवेश, पुनर्कल्पना, पुनर्जीवन” (Malaria ends with us: Reinvestment, Reimagination, Revival) है।