05 अप्रैल: विकट संकष्टी आज, भगवान गणेश जी की पूजा से दूर होंगे सभी संकट, यह रहेगा पूजा का बेहद शुभ मुहूर्त

आज 05 अप्रैल 2026 है। आज विकट संकष्टी है। विकट संकष्टी चतुर्थी वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाई जाती है, जो भगवान गणेश को समर्पित है और संकटों को दूर करने के लिए विशेष मानी जाती है। 2026 में यह व्रत 5 अप्रैल, रविवार को रखा जाएगा। इस दिन गणेश जी की पूजा करने से बुद्धि, समृद्धि और कष्टों से मुक्ति मिलती है। वैदिक पंचांग के अनुसार हर साल हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाता है। इस दिन भगवान गणेश का विधि-विधान से पूजन किया जाता है और कहते हैं कि गणपति जी प्रसन्न होकर अपने भक्तों के जीवन से सभी संकटों को दूर करते हैं।

जानें शुभ मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल वैशाख माह के कृष्ण चतुर्थी तिथि 5 अप्रैल रविवार को दिन में 11 बजकर 59 मिनट पर शुरू होगी। इस तिथि का समापन 6 अप्रैल को दोपहर में 2 बजकर 10 मिनट पर होगा।
📌📌 05 अप्रैल को विकट संकष्टी चतुर्थी की पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 7 बजकर 41 मिनट पर शुरू होगा। पूजा का ये शुभ मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 24 मिनट तक तरह रहेगा। ब्रह्म मुहूर्त 04 बजकर 35 मिनट से 05 बजकर 21 मिनट तक रहेगा। वहीं दिन का शुभ मुहूर्त यानि अभिजीत मुहूर्त 11 बजकर 59 मिनट से दोपहर 12 बजकर 49 मिनट तक रहेगा। लाभ-उन्नति मुहूर्त सुबह 09 बजकर 15 मिनट से 10 बजकर 50 मिनट तक रहेगा। वहीं अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त सुबह 10 बजकर 50 मिनट से दोपहर 12 बजकर 24 मिनट तक रहेगा।

जानें पूजन विधि

आज प्रातः स्नान करने के बाद सबसे पहले सूर्य देव की पूजा करके उनको जल अर्पित करें। उसके बाद हाथ में जल, अक्षत् और फूल लेकर विनायक चतुर्थी व्रत और गणेश पूजा का संकल्प ले। पूजा के शुभ मुहूर्त में गणेश जी की मूर्ति की स्थापना करें। उनको जनेऊ, वस्त्र, मौली, सिंदूर, चंदन, अक्षत्, धूप, दीप, गंध, दुर्वा, लाल पुष्प, माला, फल, हल्दी आदि अर्पित करते हुए पूजा करें। अब गणपति बप्पा को उनका पसंदीदा भोग मोदक या फिर बूंदी के लड्डयों का भोग अर्पित करें। उसके बाद गणेश चालीसा और विनायक चतुर्थी व्रत कथा का पाठ करें। इसके बाद गणेश जी की घी से आरती करें। उसके पश्चात पूजा में कमियों के लिए क्षमा मांग लें और जीवन में सुख, समृद्धि, सफलता प्रदान करने या मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करें। आज आप ओम गं गणपतये नमः का मंत्रो का उच्चारण करते रहें। आज के दिन आप चंद्रमा न देखें, इससे आप पर कोई झूठा आरोप लग सकता है। आज आप अपनी क्षमता के अनुसार वस्त्र, अन्न, धन आदि का दान भी कर सकते हैं।