बागेश्वर: अदालत का फैसला, चरस तस्करी मामले में विदेशी महिला व एक अन्य अभियुक्त को किया दोषमुक्त

बागेश्वर से जुड़ी खबर सामने आई है। बागेश्वर में जिला सत्र न्यायाधीश ने विदेशी मूल की महिला समेत एक स्थानीय नागरिक को चरस तस्करी के मामले में दोषमुक्त किया है।

जानें पूरा मामला

जानकारी के अनुसार घटना 18 फरवरी 2022 की है। जब उपनिरीक्षक खष्टी बिष्ट ने मुकदमा दर्ज किया कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी एक महिला लोहारखेत से मोटर साइकिल में चरस लेकर आ रही है। जिस पर पुलिस व एसओजी टीम खाईबगड़ पुल के समीप वाहनों की चेकिंग करने लगी। तभी व्यक्ति को महिला को साथ लेकर आते देखा तो उसे रूकने को कहा, परंतु उसने भागने का प्रयास किया। परंतु पुलिस व एसओजी ने उन्हें पकड़कर पूछताछ की तो बताया कि उनके पास चरस है। जिस पर पुलिस ने नियमानुसार उनकी चेकिंग की तथा महिला से एक किलो, 40 ग्राम चरस बरामद हुई। जिस पर पुलिस ने चार्जशीट अदालत में पेश की तथा महिला के बयान के आधार पर चरस बिक्री करने वाले रोशन लाल पर भी मुकदमा पंजीकृत किया। इस मामले में पुलिस द्वारा बनाई गई आरोपित फ्रांस निवासी रोयर निकोल की ओर से अधिवक्ता हरीश जोशी व रोशन लाल की ओर से अधिवक्ता नरेंद्र कोरंगा ने पैरवी की। जिस पर अधिवक्ताओं ने पुलिस की कहानी को मनगढ़ंत बताते हुए इसे न्यायालय के सामने झूठा साबित किया। कहा कि तलाशी के दौरान फ्रांस की महिला को न तो किसी अनुवादक के द्वारा कानून की जानकारी दी गई और न ही अन्य नियमों का पालन किया गया। 

अदालत का आदेश

इस मामले में आरोपित विदेशी महिला व एक अन्य ग्रामीण जमानत पर चल रहे हैं, जिस पर अदालत ने जमानत के लिए प्रस्तुत किए गए बंधपत्र निरस्त करने के आदेश भी दिए हैं। विशेष सत्र न्यायाधीश पंकज तोमर ने दोनों पक्षों की बहस व दलीलें सुनने के बाद आरोपितों को दोषमुक्त किया।