बागेश्वर से जुड़ी खबर सामने आई है। बागेश्वर में विधानसभा क्षेत्र में जो गांव सड़कों से वंचित है। उनको सड़क से जोड़ने की कवायद शुरू हो गई है।
स्वीकृत सड़कों के डीपीआर गठन के कार्य के बाद जल्द डीपीआर शासन को भेजी जाएगी
जानकारी के अनुसार इसी क्रम में फेज चार में क्षेत्र के 33 गांवों में पीएमजीएसवाई ने मानकों का सर्वे किया था। इसमें गुरना से बनकोट नौ किमी, सिमलगांव से क्वैराली तीन किमी, बैजनाथ से तल्ला मालूझाल 10 किमी, कंपास से तल्ला मनकोट दो किमी, बोहाला से नदीगांव पांच किमी, लेटी से शीशाखानी पांच किमी, पांडेखरक से देवनाई पांच किमी, गैरलेख से पथरिया चार किमी, सरना से बेहरगांव आठ किमी, क्वैराली से चामी चार किमी, बोहाला से घटगाड़ पांच किमी का मानक सर्वे भेजा गया था। इसमें हर्बोला से कनगाड़ पांच किमी, सिमतोली से साताप्यारा आठ किमी, चौगांवछीना से सकीड़ा छह किमी, भटोली से स्यूनी चार किमी, बैजनाथ से थकलाड पांच किमी, फल्यांटी से गोगिनापानी पांच किमी, मट्योली से गड़ीखेत छह किमी, ओखलसों बैंड से खबडोली तीन किमी, मछियाकोट बाजार से मछियाकोट चार किमी, मल्लाडाना से नैणी आठ किमी मार्ग भी शामिल हैं। जिसे अब शासन से स्वीकृति मिल गई है।
इन सभी को मिली स्वीकृति
जानकारी के अनुसार इसके अलावा लखनी से एराड़ी सात किमी, कमेड़ी से नैल बिलेख 10 किमी, बिजौरिया से बज्वाड़ पांच किमी, ढुकरा गांव के लिए आठ किमी, द्योनाई से कोट तुलारी छह किमी, कुलांऊ से तल्ला कुलांऊ छह किमी, देवनाई से रणकुणी पांच किमी, परेणा से मगलता पांच किमी, कुलसारी से एरिया पांच किमी, नौगांव से कोट्यूड़ा पांच किमी, कौसानी स्टेट से चनकोट सात किमी, पय्यां से दाबू हड़ाप 10 किमी और ढोलागांव से कपकोटी डेढ़ किमी सड़क के लिए पीएमजेसवाई ने मानक सर्वे तैयार किया और शासन को भेजा था। सभी को स्वीकृति मिली है।