बागेश्वर से जुड़ी खबर सामने आई है। बागेश्वर जिले में गुलदार आतंक का पर्याय बना हुआ है। वहीं वन रेंज क्षेत्र के अंतर्गत छाती-मनकोट में आतंक का पर्याय बना गुलदार पिंजरे में कैद हो गया है।
लोगों ने ली राहत की सांस
मिली जानकारी के अनुसार बीते सात जनवरी को छाती-मनकोट गांव निवासी 62 वर्षीय देवकी देवी पानी लेने के लिए घर से निकली थीं। देर रात उनका शव मालता के जंगल में मिला था। जिसके बाद वन विभाग की टीम लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही थी तथा गुलदार को पकड़ने के लिए तीन पिंजड़े लगाए गए थे। रविवार सुबह लगभग चार बजे छाती-मनकोट के जंगल में लगाए गए पिंजड़े में गुलदार फंस गया। गुलदार को पकड़ने के लिए रेंजर केवलानंद पांडे के नेतृत्व में चंदन सिंह टंगड़िया, वन दरोगा तारा सिंह फर्स्वाण, वन आरक्षी किशोर चंद्र, सुधीर कुमार, चंदन राम सहित वन विभाग की टीम ने पूरी रात सर्च अभियान चलाया। गुलदार के पकड़े जाने के बाद उसे रेंज कार्यालय लाया गया, जहां पशु चिकित्सक डा. गौरव कोहली ने उसका मेडिकल परीक्षण किया। जांच में गुलदार स्वस्थ पाया गया। बताया कि पकड़ा गया गुलदार लगभग 13 वर्ष का है।
इसके बाद उसे अल्मोड़ा चिड़ियाघर भेज दिया है।