बागेश्वर: उत्तराखंड के आर्थिक विकास में औषधीय एवं सगन्ध पौधों का महत्त्वपूर्ण स्थान- डीएम अनुराधा पाल

बागेश्वर से जुड़ी खबर सामने आई है। बागेश्वर में विकास खंड गरुड़ स्थित सी-मैप शोध केंद्र पुरड़ा में जडी-बूटी व सगंध पौध उत्पादन पर आधारित एक कार्यशाला का बीते कल शुक्रवार को आयोजन हुआ।

आर्थिक विकास हेतु वृहद स्तर पर कलस्टर के रूप में कृषिकरण किया जाना आवश्यक

जिसमें जिलाधिकारी अनुराधा पाल ने कार्यशाला का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के आर्थिक विकास में औषधीय एवं सगन्ध पौधों का महत्त्वपूर्ण स्थान है। यह पर्वतीय राज्य आदि काल से ही पौधों में प्राकृतिक रूप से समृद्ध रहा है। औषधीय एवं सगन्ध पौधों का संरक्षण के साथ-साथ आर्थिक विकास हेतु वृहद स्तर पर कलस्टर के रूप में कृषिकरण किया जाना अति आवश्यक है।

इससे आर्थिकी मजबूत होगी

उन्होंने कहा यह कार्यशाला अपने उद्देश्यों में सफल होगी। जनपद में औषधीय एवं सगन्ध पौधों के कृषिकरण के विकास के साथ-साथ इससे संबंधित विभागों व क्षेत्रों के लिए भी लाभकारी सिद्ध होगी। नये कृषिकों को बाजार की उपलब्धता तथा बाजार दर आदि को ध्यान में रखते हुए जड़ी-बूटी का कृषिकरण प्रारम्भ करना चाहिए, जिससे उनकी आर्थिकी मजबूत होगी। सरकार ने इसके विकास के लिए नीति बनाई है। यह कार्यशाला औषधीय एवं सगन्ध पौधों के कृषिकरण में सहायक होगी। उन्होंने संबंधित विभागों से अधिक से अधिक लोंगो को जडी-बूटी व सगंध पौध उत्पादन के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कृषकों को पहाड़ की जलवायु में उगाई जाने वाली जड़ी बूटियों में मूल्य संवर्धन करके इसे आजीविका का नया साधन बनाने के बारे में सुझाव दिया गया। मुख्य विकास अधिकारी आरसी तिवारी द्वारा उपस्थित कृषकों को इंटीग्रेटेड फार्मिंग से जुड़ने के लिए कहा गया।

कृषकों को शोध फार्म के क्षेत्र का प्रदर्शन कराया

कार्यशाला में सिमैप के प्रभारी डॉ. आरसी पडलिया द्वारा सिमैप की विभिन्न गतिविधियों, तकनीकी अधिकारी द्वारा औषधीय एवं सगंध पौधों की खेती के बारे में बताया। डॉ. दीपेन्द्र कुमार एवं डॉ. वी वेंकटेश केटी के द्वारा कैमोमाइल व आरेगैनो की विस्तृत खेती के बारे में अवगत कराया गया। कार्यक्रम के समापन के दौरान कृषकों को शोध फार्म के क्षेत्र का प्रदर्शन कराया गया तथा इसके साथ-साथ उत्पाद बनान हेतु ट्रेनिंग भी दी।

यह लोग रहें मौजूद

इस कार्यशाला में परियोजना निदेशक शिल्पी पंत, जिला विकास अधिकारी संगीता आर्या, ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख हरीश मेहरा, लीड बैंक अधिकारी एनआर जौहरी, मुख्य कृषि अधिकारी गीतांजलि बंगारी, जिला उद्यान अधिकारी आरके सिंह मौजूद रहे।