बागेश्वर: अदालत ने जेसीबी से घायल करने और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर गाली गलौज करने के दोषी को तीन साल के सश्रम कारावास की सुनाई सजा

बागेश्वर जिले से जुड़ी खबर सामने आई है। विशेष सत्र न्यायाधीश आरके खुल्बे की अदालत ने जेसीबी से घायल करने और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर गाली गलौज करने के दोषी को तीन साल का सश्रम कारावास और पांच हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

जेसीबी चालक नाली बनाने के स्थान पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली गलौज करने लगा

अभियोजन पक्ष से मिली जानकारी के अनुसार नरेंद्र राम पुत्र मोहन राम निवासी बघर ने कपकोट थाने में केस दर्ज कराते हुए कहा था कि 16 जून 2021 को ठेकेदार मोहन बिष्ट बैगर मोटर मार्ग पर डामरीकरण का कार्य करवा रहा था। वादी के मकान के ऊपर बरसाती पानी की निकासी के लिए नाली नहीं बनाई गई। इस संबंध में वादी के पिता मोहन राम ने जेसीबी चालक रणवीर कंडारी से मकान के ऊपर नाली बनाने का अनुरोध किया। जेसीबी चालक नाली बनाने के स्थान पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गालीगलौज करने लगा। जेसीबी चालक ने वादी के पिता पर जेसीबी चढ़ा दी। जेसीबी के बकेट के नीचे आने से वादी के पिता गंभीर रूप से घायल हो गए। वादी के पिता को गंभीर अवस्था में कपकोट सीएचसी ले जाया गया। वहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

जेसीबी चालक ने रिपोर्ट कराने पर दी जान से मारने की धमकी

वादी के अनुसार जेसीबी चालक रणवीर कंडारी ने रिपोर्ट कराने पर जान से मारने की धमकी दी। मामले की विवेचना सीओ शिवराज सिंह राणा ने की। विवेचना के बाद आरोपी जेसीबी चालक के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में पेश किया गया। इस मामले में अभियोजन पक्ष ने कई गवाह परीक्षित कराए।

आईपीसी की धारा 324 का दोषी पाते हुए तीन साल के सश्रम कैद की सुनाई सजा

न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए आरोपी रणवीर कंडारी को आईपीसी की धारा 324 का दोषी पाते हुए तीन साल के सश्रम कैद की सजा सुनाई। आईपीसी की धारा 307 और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3 (1) (द), 3 (2) (वी), 3 (2) (वी क) से दोषमुक्त किया। न्यायालय ने दोषी को धारा 3 (1) (घ) अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अधिनियम के अधीन आरोपित अपराध में दोषी पाते हुए छह माह का कारावास और पांच हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

आरोपी की सभी सजाएं चलेंगी एक साथ

न्यायालय ने कहा कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। आरोपी की जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी। न्यायालय ने जिला विधिक प्राधिकरण से पीड़ित को विधि के अनुसार प्रतिकर दिलाने का आदेश भी दिया है।