बागेश्वर: भारत जनगणना 2027 के लिए फील्ड ट्रेनर्स का तीन दिवसीय प्रशिक्षण हुआ शुरू, पहली बार होगी डिजिटल जनगणना

बागेश्वर: आगामी भारत जनगणना 2027 की तैयारियों को लेकर सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में फील्ड ट्रेनर्स के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ। इस प्रशिक्षण के माध्यम से जनगणना कार्य को त्रुटिहीन और आधुनिक तकनीक से संपन्न कराने की रूपरेखा तैयार की गई।

पूरी तरह डिजिटल होगी जनगणना

​प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर दीप चंद्र जोशी और हेमंत कुमार ने बताया कि भारत के इतिहास में यह पहली डिजिटल जनगणना होगी। इस बार कागजी कार्रवाई के बजाय आंकड़ों का संग्रहण पूरी तरह से आधुनिक डिजिटल उपकरणों के माध्यम से किया जाएगा। बताया कि प्रगणक एक विशेष मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से परिवारों का डेटा सीधे अपने स्मार्टफोन पर दर्ज करेंगे। आम जनता की सुविधा के लिए एक निर्दिष्ट वेब पोर्टल उपलब्ध कराया जाएगा, जिसके माध्यम से लोग स्वयं भी अपना विवरण ऑनलाइन भर सकेंगे। डिजिटल माध्यम से आंकड़ों के संग्रहण में पारदर्शिता आएगी और डेटा प्रोसेसिंग में लगने वाला समय कम होगा। प्रशिक्षण में उपस्थित फील्ड ट्रेनर्स को उनके महत्वपूर्ण उत्तरदायित्वों और तकनीकी बारीकियों से विस्तारपूर्वक अवगत कराया गया। इस दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी और कार्मिक भी मौजूद रहे, जिन्हें डेटा सुरक्षा और फील्ड वर्क के दौरान आने वाली चुनौतियों के समाधान के टिप्स दिए गए।

25 अप्रैल से शुरू होगा मकानसूचीकरण का कार्य

​जनगणना के प्रथम चरण की जानकारी देते हुए मास्टर ट्रेनर्स ने बताया कि मकानसूचीकरण (Houselisting) और मकानों की गणना का कार्य आगामी 25 अप्रैल से 24 मई तक संचालित किया जाएगा। इस चरण के दौरान प्रगणक मुख्य रूप से निम्नलिखित जानकारियां जुटाएंगे।
• ​मकानों की वर्तमान स्थिति और संरचना।
• ​परिवारों को उपलब्ध बुनियादी सुविधाएं (जैसे पेयजल, बिजली, शौचालय आदि)।
• ​परिवारों के पास उपलब्ध परिसंपत्तियां।