बागेश्वर से जुड़ी खबर सामने आई है। सत्र न्यायाधीश आरके खुल्बे की अदालत ने एनडीपीएस अधिनियम के आरोपियों को निचली अदालत से मिले दोषमुक्ति के फैसले को सही ठहराते हुए बरकरार रखा और राज्य सरकार की ओर से दाखिल की गई अपील को खारिज कर दिया है।
जानें पूरा मामला
कथानक के अनुसार कोतवाली पुलिस ने 27 फरवरी 2021 को बिलौना पुल के समीप से मनोज धनौला निवासी बिलौना को 2.29 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया था। बताया कि आरोपी ने पुलिस को बताया था कि वह हर्षवर्धन सिंह धानिक निवासी तहसील रोड से स्मैक लेकर आ रहा है। उसने पिछले ढाई साल से इस काम को करने की बात भी कही। आरोपी के खिलाफ कोतवाली में धारा 8/21 एनडीपीएस अधिनियम और हर्षवर्धन के खिलाफ धारा 29 एनडीपीएस अधिनियम के तहत केस दर्ज हुआ।
फैसले को सही ठहराया
विवेचना के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले में 10 गवाह पेश कराए गए। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 19 मई 2023 को दोनों आरोपियों को दोषमुक्त करने का फैसला सुनाया था। राज्य सरकार की ओर से सत्र न्यायालय में अपील की गई। सत्र न्यायालय की ओर से निचली अदालत के फैसले को सही ठहराते हुए बरकरार रखा।