आज के समय में विद्यार्थियों को स्कूलों में बेहतर शिक्षा के साथ शिष्टाचार का भी पाठ पढ़ाया जाता है, जिससे छात्रों में इसका बेहतर विकास हो।
पाठ्यक्रम का हिस्सा-
इसी क्रम में गुजरात सरकार ने विधानसभा में घोषणा की है कि भगवद गीता शैक्षणिक वर्ष 2022-23 से राज्य भर में कक्षा 6 से 12 के लिए स्कूल पाठ्यक्रम का हिस्सा होगी। इस संबंध में सरकार का कहना है कि आधुनिक और प्राचीन संस्कृति, परंपराओं और ज्ञान प्रणालियों की शुरूआत की वकालत करने वाली नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत यह पढ़ाई कराई जाएगी।