बड़ी पहल: जम्मू-कश्मीर में पूर्व सैनिकों की भी होगी तैनाती, सुरक्षा की संभालेंगे कमान, सरकार से मिली मंजूरी

देश दुनिया की खबरों से हम आपको रूबरू कराते रहते हैं। एक ऐसी खबर हम आपके सामने लाए ‌है। जम्मू-कश्मीर सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है।

जम्मू-कश्मीर सरकार का बड़ा फैसला

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जम्मू-कश्मीर सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए राज्य के महत्वपूर्ण स्ट्रक्चर्स की सिक्योरिटी के लिए पूर्व सैनिकों (Ex-Servicemen) को तैनात करने की मंजूरी दी है। जम्मू-कश्मीर सैनिक मंजूरी वेलफेयर बोर्ड के प्रस्ताव के आधार पर यह बड़ा फैसला लिया गया है। बोर्ड ने सरकार को एक प्रस्ताव भेजा था‌। जिसमें जम्मू-कश्मीर में मौजूद महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा में पूर्व सैनिकों को तैनात करने की योजना शामिल थी। वहीं अब इस प्रस्ताव को औपचारिक तौर पर मंजूरी मिल गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस फैसले का उद्देश्य उद्देश्य पूर्व सैनिकों की अनुशासित सेवाओं का उपयोग कर सामुदायिक स्तर पर सुरक्षा मजबूत करना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक जिसमें सरकार ने पाकिस्तान की सीमा से लगे केंद्र शासित प्रदेश में बिजली स्टेशनों, पुलों और सरकारी प्रतिष्ठानों जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए 4,000 पूर्व सैनिकों की तैनाती को मंजूरी दी है। दरअसल कोविड-19 के दौरान पिछली सफलता पर आधारित यह पहल है। जब 2500 पूर्व सैनिकों ने प्रशासन का समर्थन करने के लिए अपनी इच्छा से काम किया था।

4,000 पूर्व सैनिकों की तैनाती को मंजूरी

📌📌जिसमे पूर्व सैनिकों की निगरानी जिला सैनिक कल्याण अधिकारियों (DSWO) द्वारा की जाएगी।
📌📌यह जवान स्थानीय प्रशासन और पुलिस के साथ मिलकर काम करेंगे। इनकी भूमिका गैर-सैन्य (non-combatant) होगी, जिसमें स्थायी गार्ड ड्यूटी, उपस्थिति से निवारक प्रभाव और स्थानीय समन्वय शामिल है।
📌📌इन जवानों को वर्दी और बुनियादी उपकरण सैनिक वेलफेयर बोर्ड की ओर से दिए जाएंगे, जबकि प्रशासनिक सहयोग जिला प्रशासन देगा।
📌📌दक्षता और समान व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।