देश दुनिया की खबरों से हम आपको रूबरू कराते रहते हैं। एक ऐसी खबर हम आपके सामने लाए हैं। करीब 40 दिनों से जारी भीषण तनाव के बाद, मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के अस्थायी युद्धविराम (Ceasefire) पर सहमति बन गई है।
युद्धविराम पर सहमति
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह समझौता तब हुआ जब राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को पूरी तरह तबाह करने की चेतावनी दी थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले की समयसीमा खत्म होने से पहले ही खुद युद्धविराम का एलान कर दिया। इस समझौते में पाकिस्तान (शहबाज शरीफ और असीम मुनीर), मिस्र और तुर्किये ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी, जबकि विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बातचीत का नेतृत्व किया।
युद्धविराम की मुख्य शर्तें
• हमलों पर रोक: अमेरिका दो हफ्ते तक बमबारी नहीं करेगा और ईरान भी अपनी सैन्य गतिविधियां रोकेगा।
• होर्मुज जलडमरूमध्य: ईरान इस महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग को तुरंत खोलने पर सहमत हुआ है, लेकिन अगले दो हफ्ते यह ईरानी सेना के प्रबंधन में रहेगा।
• ट्रांजिट शुल्क: ईरान और ओमान यहां से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाएंगे, जिसका उपयोग ईरान के पुनर्निर्माण में होगा।
• शांति प्रस्ताव: दोनों देश भविष्य की स्थायी शांति के लिए एक-दूसरे के प्रस्तावों (ईरान के 10-सूत्रीय और अमेरिका के 15-सूत्रीय) पर विचार करेंगे।
जानें आगे क्या?
यह युद्धविराम केवल 14 दिनों के लिए है। इस दौरान यदि दोनों देश किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुँचते हैं, तो क्षेत्र में दोबारा संघर्ष शुरू होने का खतरा बना रहेगा। फिलहाल, वैश्विक बाजारों और तेल की आपूर्ति के लिए इसे एक बड़ी राहत माना जा रहा है।