कवि सूर्यकांत निराला की जयंती आज, निजी जीवन की विपत्तियों को झेलते हुए स्वयं को साहित्य की साधना में किया पूरी तरह समर्पित
मानवीय भावनाओं को अपनी कविताओं में बखूबी पिरोने वाले हिन्दी के महान कवि व उपन्यासकार सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’ की आज जयंती है । छायावाद के चार प्रमुख स्तंभों में से एक, हिंदी साहित्य जगत में निराला जी का अमूल्य योगदान युगों तक अविस्मरणीय रहेगा। वे एक कवि, उपन्यासकार, निबन्धकार और कहानीकार…